यरुशलम/तेहरान, 23 जून (वार्ता) इजरायली हवाई हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने सोमवार को इजरायल पर हवाई हमलों की झड़ी लगा दी जिससे दक्षिणी इजरायल में हजारों इजरायलियों को भूमिगत बंकरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा जबकि एक ईरानी मिसाइल के हमले में बिजली ग्रिड बाधित हाेने की खबर है।
द टाइम्स आफ इजरायल के मुताबिक हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और अधिकांश बुनियादी ढांचा सुरक्षित है लेकिन दक्षिणी इजरायल में बिजली ग्रिड के बाधित होने की सूचना है।
इजरायली रक्षा बलों ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान से 40 मिनट की अवधि में चार श्रृखंलाओं में छह-सात मिसाइलें दागी की गईं। इजरायल इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिणी इजरायल में एक ‘रणनीतिक बुनियादी ढांचा सुविधा’के पास टकराई जिससे क्षेत्र के कई शहरों में अस्थायी रूप से बिजली गुल हो गई।
आईडीएफ के मुताबिक लगभग एक घंटे बाद एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई जिसे सफलतापूर्वक रोक दिया गया और उससे किसी भी प्रकार के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
गौरतलब है कि ईरान का यह जवाबी हमला अमेरिका द्वारा उसके तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर बमबारी के एक दिन बाद हुआ है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने सोमवार को कहा कि ईरानी क्षेत्र पर हमले करने में अमेरिका ने इजरायल के साथ सहयाेग किया था और वह इजरायल द्वारा किए गए ‘सभी अपराधों में भागीदार’ है।
श्री बाघई ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इसमें अब कोई संदेह नहीं है कि ईरान पर हमला अमेरिका के साथ मिलकर किया गया था और अमेरिका इजरायल के सभी अपराधों में भागीदार है।
इस विवाद में शामिल होते हुए ईरान के न्यायपालिका प्रमुख होज्जातोलसलाम घोलमहुसैन मोहसेनी एजेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर धोखेबाज़ी और युद्धोन्माद का आरोप लगाया और संकल्प लिया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की आक्रामकता का जवाब दिया जाएगा।
न्यायपालिका प्रमुख ने कहा “अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी दुष्ट प्रकृति को उजागर किया और पूरी दुनिया को साबित कर दिखाया कि वह धोखेबाज़ हैं। उन्होंने (डोनाल्ड ट्रम्प) शांति की बात की लेकिन युद्ध शुरू कर दिया। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस्लामिक ईरान के खिलाफ अमेरिकी शासन के हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा और इस आपराधिक शासन को इस्लामिक ईरान के वफादार और उत्साही लोग ही अपमानित करेंगे।”
अब तक ईरानी हमलों में कुल 24 इजरायली नागरिक मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं । इजरायल के कुछ बुनियादी ढांचे को नुकसान भी पहुंचा है।
गौरतलब है कि 13 जून को ईरान पर शुरू किए गए इजरायली हमले में 224 से अधिक लोगों की मौत हुई है जिसमें उसके कुछ प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक, ईरानी सेना के सीओएएस, वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी और आईआरजीसी के कमांडर शामिल हैं।
