गुवाहाटी (वार्ता) असम कैबिनेट ने रविवार को राज्य के मूल निवासियों के शवों को अन्य राज्यों से असम तक आसान, वैध और समन्वित परिवहन की सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए श्रद्धांजलि योजना को मंजूरी दे दी।
यह नीति एक अक्टूबर, 2025 से लागू होगी। यह योजना मुख्य रूप से राज्य के बाहर कम वेतन वाली नौकरियों में लगे युवाओं के साथ-साथ हत्या और दुर्घटनाओं जैसी विशेष परिस्थितियों में मरने वालों के लिए लागू होगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने हालांकि कहा कि इस योजना में राज्य के बाहर इलाज के दौरान मौत के मामले शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, “असम पुलिस की विशेष शाखा (एसबी) नोडल एजेंसी होगी, जिसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर का एक अधिकारी नोडल अधिकारी रहेगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि असम के निवासियों के शव सम्मान के साथ वापस लाए जाएं।” उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य स्थानीय प्रशासन, पुलिस या 112 डायल करके सूचित करेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए एक सोशल मीडिया आईडी समर्पित रूप से बनाई जाएगी।
