चेन्नई, (वार्ता) तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने रविवार शाम को ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास में एक निर्णायक क्षण बताया।
श्री रवि ने कहा कि यह सटीकता, समन्वय और त्वरित निष्पादन के माध्यम से हासिल किया गया एक ऐसा मिशन है, जिसने न केवल अपने उद्देश्य को पूरा किया, बल्कि राजनीतिक स्पष्टता, नीति निर्णायकता और निर्बाध सैन्य निष्पादन द्वारा समर्थित देश की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी असाधारण सफलता के लिए सशस्त्र बलों के बहादुर कर्मियों को सम्मानित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) मद्रास के रिसर्च पार्क में एक नागरिक स्वागत समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनका योगदान भारतीय सैन्य इतिहास में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक नेतृत्व ने भारत के आतंकवाद विरोधी सिद्धांत में एक स्पष्ट बदलाव को चिह्नित किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत पर किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और इसका दृढ़ जवाब दिया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि इस रुख ने सशस्त्र बलों के आत्मविश्वास, मनोबल और परिचालन तत्परता को काफी बढ़ाया है।
राष्ट्र की रक्षा में तमिलनाडु की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सशस्त्र बलों में निरंतर सेवा तक के इसके योगदान को याद किया तथा राष्ट्र के प्रति इसकी गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। राज्यपाल ने अनुसंधान और नवाचार में भारत की बढ़ती ताकत पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह आधुनिक युद्ध की उभरती मांगों को पूरा करने के लिए अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारे बहादुर जवानों के सम्मान में आयोजित भव्य नागरिक स्वागत समारोह में नागरिक समकक्षों, सशस्त्र बलों के कर्मियों, सभी क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों, राज्य भर के विभिन्न वर्गों के लोगों और शिक्षाविदों की व्यापक भागीदारी देखी गयी।”
