1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ; फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और संभावित देरी पर पूरी जानकारी।
नई दिल्ली, 21 जून (नवभारत): केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बहुप्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी थी, जिससे देशभर के लगभग 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, आयोग का गठन और उसके संदर्भ शर्तों (Terms of Reference – ToR) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिससे इसके लागू होने की समय-सीमा को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
शुरुआती संकेतों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी, 2026 से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, वर्तमान गति को देखते हुए, कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि इसके वास्तविक कार्यान्वयन में 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक का समय लग सकता है। बावजूद इसके, सरकार यदि चाहे तो पिछली बार की तरह इसे 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी (retrospective) रूप से लागू कर सकती है, जिससे कर्मचारियों को एरियर का लाभ मिलेगा। वेतन आयोग के तहत सबसे महत्वपूर्ण घटक फिटमेंट फैक्टर होता है, जिसके आधार पर मूल वेतन में वृद्धि निर्धारित होती है। 7वें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। वहीं, 8वें वेतन आयोग में इसे 2.86 तक बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। यदि 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 51,480 रुपये हो सकती है। इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) को भी मूल वेतन में मर्ज किए जाने की संभावना है, जिससे कुल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। अनुमान है कि वेतन में कुल मिलाकर 40% से 50% तक का इजाफा हो सकता है, जो कर्मचारियों की आय में बड़ा बदलाव लाएगा।

