जबलपुर:कुटुम्ब न्यायालय के अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने क्रूरता साबित पाते हुए दांपत्य समाप्त करने मांग स्वीकार कर ली। इसी के साथ जबलपुर निवासी पति अभिषेक ने राहत की सांस ली। उसने पत्नी जयंती से विवाह विच्छेद की मांग की थी। आवेदक की ओर से अधिवक्ता एचआर नायडू ने पक्ष रखा।
उन्होंने दलील दी कि आवेदक व अनावेदक का विवाह 18 मई 2021 को विवाह अधिकारी के समक्ष हुआ था। चूंकि विवाह कोरोना काल में हुआ था। अत: कोई मांग नहीं की गई थी। कुछ दिन बाद पत्नी मायके चली गई। वह अकारण ससुराल आने से मना करने लगी। इस वजह से आवेदक को मानसिक त्रास हुआ। उसने इसी रवैये को क्ररता की परिधि में रखकर दांपत्य संबंध समाप्त करने की राहत चाही है। अदालत ने आवेदक का पक्ष मजबूत पाकर उक्त राहत प्रदान कर दी।
