
सुसनेर।सालरिया में स्थित एशिया के प्रथम कामधेनु गो अभयारण्य सालरिया एक बार फिर पूरे प्रदेश में गौरव का कारण बना है. भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोशाला सम्मेलन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गो अभ्यारण्य को आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान से सम्मानित किया.
सम्मान स्वरूप संस्था को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 लाख की सम्मान राशि प्रदान की गई. यह सम्मान गो सेवा, संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की मान्यता स्वरूप प्रदान किया गया है. स्मरण रहे कि गो अभयारण्य सालरिया वर्षों से निराश्रित गोवंश की सेवा में समर्पित है और आज यह प्रदेश ही नहीं, देशभर में अपनी पहचान बना चुका है. इस अवसर पर गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा के कार्यपालन अधिकारी आलोक सिंघल, गो अभयारण्य के प्रबंधक शिवराज शर्मा तथा गोधाम पथमेड़ा के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए कहा गोसेवा सनातन संस्कृति की आत्मा है. सालरिया गो अभयारण्य का समर्पण और सेवा भाव पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज गोशालाएं केवल गो पालन का केंद्र नहीं बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है. उन्होंने प्रदेश में गोसेवा से जुड़ी संस्थाओं को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. सम्मेलन में प्रदेश की अन्य श्रेष्ठ गोशालाओं को भी द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गो सेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे.
