लीड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत ने खेले हैं 7 टेस्ट, सिर्फ 2 में मिली जीत; आखिरी जीत 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी में आई थी, हालिया दौरा रहा निराशाजनक।
लीड्स, 19 जून (वार्ता): इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज का आगाज 20 जून से लीड्स के हेडिंग्ले स्टेडियम में होने जा रहा है, लेकिन इस ऐतिहासिक मैदान पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। भारतीय टीम को यहां पिछले 23 सालों से जीत का इंतजार है, जो शुभमन गिल की युवा कप्तानी में टीम के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के बिना मैदान पर उतर रही भारतीय टीम के लिए हेडिंग्ले का इतिहास मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ा सकता है।
भारत ने हेडिंग्ले में अब तक कुल 7 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से केवल 2 में ही उसे जीत मिली है। 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। इस मैदान पर भारत की पहली जीत 1986 में कपिल देव की कप्तानी में इंग्लैंड को 279 रनों से हराकर मिली थी। इसके बाद, टीम इंडिया को दूसरी और आखिरी जीत 2002 में सौरव गांगुली की अगुवाई में मिली थी, जब भारत ने इंग्लैंड को एक पारी और 46 रनों से हराया था। इसके बाद से, भारतीय टीम यहां कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है। हेडिंग्ले में भारत का सबसे हालिया दौरा 2021 में हुआ था, जहां विराट कोहली की कप्तानी में टीम को इंग्लैंड के हाथों एक पारी और 76 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी थी। उस मैच में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में महज 78 रनों पर ढेर हो गई थी, जो इस मैदान पर भारत का सबसे कम स्कोर भी है।
हेडिंग्ले की पिच अक्सर गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मूवमेंट के लिए अनुकूल मानी जाती है, जो बल्लेबाजों के लिए एक कठिन परीक्षा होती है। हालांकि, भारतीय टीम इस बार नई ऊर्जा और युवा प्रतिभाओं के साथ मैदान पर उतरेगी। शुभमन गिल के लिए यह कप्तानी का पहला टेस्ट भी होगा। टीम इंडिया का लक्ष्य इस बार हेडिंग्ले के निराशाजनक रिकॉर्ड को बदलकर जीत के साथ नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत करना होगा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या युवा ब्रिगेड इस चुनौतीपूर्ण मैदान पर इतिहास रचने में कामयाब होती है।

