
बैतूल: कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत बैतूल में शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जिले में नियुक्त पर्यवेक्षक यहां कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने पहुंचे। इस मौके पर कांग्रेस के विभिन्न गुटों ने शक्ति प्रदर्शन कर अपने-अपने नेताओं को मजबूत दिखाने की कोशिश की। पर्यवेक्षक मंडल ने साफ किया कि उनका उद्देश्य जिलेभर के कार्यकर्ताओं से बातचीत कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाना है।
बैतूल के लिए हिमाचल प्रदेश के विधायक केवल सिंह पठानिया, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, कांग्रेस नेता अरुण श्रीवास्तव और अजय दात्रे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
चक्कर रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधायक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि वे जिले के 12 चिन्हित ब्लॉकों में कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे और आगामी संगठनात्मक ढांचे की रूपरेखा तैयार की जाएगी। लेकिन बैठक से पहले ही कांग्रेस के गुटीय राजनीति के रंग सामने आ गए। होटल के बाहर नारेबाजी, झंडे, फ्लैक्स और बैंडबाजों के साथ नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया। दादावाड़ी में आयोजित बैठक में भी यही नजारा रहा। हर गुट अपने नेता को जिलाध्यक्ष पद का मजबूत दावेदार बताने में जुटा रहा। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान जिलाध्यक्ष हेमंत वागद्रे को हटाने की तैयारी लंबे समय से चल रही है और संगठन सृजन अभियान इस दौड़ को और तेज कर गया है। अब गुटों ने खुलकर दावेदारी पेश करना शुरू कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो संगठन निर्माण जैसे गंभीर काम में शक्ति प्रदर्शन से अधिक टकराव की स्थिति बनती है, लेकिन कांग्रेस में यह पुरानी परंपरा रही है। पद की चाह और टिकट की दौड़ में ऐसे शक्ति प्रदर्शन अब आम हो चले हैं।
