
रीवा। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए समन्वित प्रयास अनिवार्य हैं. इस चुनौती को रीवा जिला अवसर के रूप में स्वीकार कर ठोस कदम उठाए. उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के अंतर्गत आयोजित पंचायतीराज प्रतिनिधियों की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में मातृ व शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जिसे कम करने का संकल्प सभी को मिलकर लेना होगा.
श्री शुक्ल ने निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन कर उनकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए. उन्होंने चिकित्सकों से हर माह निर्धारित तिथियों पर स्वास्थ्य केंद्रों में अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने, टेलीमेडिसिन सुविधा का उपयोग कर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने और किशोरियों व स्कूल जाने वाली बालिकाओं की भी स्वास्थ्य जांच कराने पर बल दिया.
कार्यशाला में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने यूनिसेफ सहयोग से पाँच क्लस्टरों में विशेष अभियान चलाकर मातृ व शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया. नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवड़े ने मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की. यूनिसेफ के डॉ. प्रशांत कुमार, एनएचएम के डॉ. प्रभाकर तिवारी सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए.
