
देवास। हरदा में निहत्थे करणी सैनिकों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर करणी सेना ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने रविवार को देवास सर्किट हाउस पर आयोजित प्रेस वार्ता में साफ चेतावनी दी कि यदि 15 नवंबर से पहले हरदा कांड के दोषी कलेक्टर और एसपी को निलंबित नहीं किया गया, तो देवास से एक विराट जनसभा और महारैली के साथ आंदोलन की शुरुआत होगी, जो आगे भोपाल और दिल्ली तक पहुंचेगा।
डॉ. शेखावत ने कहा कि करणी सेना आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जनजागरण अभियान चला रही है। इसमें ईडब्ल्यूएस आरक्षण को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना, अग्निवीर योजना को समाप्त कर युवाओं को नियमित सेना भर्ती का अवसर देना, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना, क्षत्रिय समाज को जनसंख्या के अनुपात में सत्ता में भागीदारी देना, क्षत्रिय बाहुल्य क्षेत्रों से क्षत्रिय उम्मीदवारों को चुनाव में टिकट देना, किसानों की फसलों पर एमएसपी को कानूनी अधिकार बनाना तथा क्षत्रिय महापुरुषों पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर कठोर कानून बनाने की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि हरदा में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे करणी सैनिकों पर पुलिस लाठीचार्ज किसके इशारे पर हुआ, इसका जवाब सरकार को देना होगा। जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक करणी सेना चुप नहीं बैठेगी।
प्रेस वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष एदलसिंह राणा ने भी कहा कि हरदा का लाठीचार्ज पूर्व मंत्री कमल पटेल के इशारे पर कराया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत 15 नवंबर को देवास से होगी और यह आंदोलन युवाओं की ताकत के साथ अंतिम समय तक जारी रहेगा।
इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह, प्रदेश महिला अध्यक्ष कीर्ति राज सिंह, ज्ञानसिंह दरबार, राहुल सिंह राजपूत, अजयसिंह राठौर, पोपसिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
