नयी दिल्ली, 16 जून (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली समाजवादी पार्टी की विशेष अनुमति याचिका सोमवार को खारिज कर दी, जिसमें पार्टी के पीलीभीत जिला अध्यक्ष को वहां पार्टी के कार्यालय से कथित बेदखली से संबंधित आगे कोई रिट याचिका दायर करने पर रोक लगा दी गई थी।
न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति पी बी वराले की अंशकालीन कार्य दिवस पीठ ने यह आदेश पारित किया।
पीठ ने हालांकि याचिकाकर्ता को उचित राहत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने अनुमति दी।
पीठ ने कहा कि विशेष अनुमति याचिका दायर करने में 998 दिनों की देरी हुई है। पिछली रिट याचिका आनंद सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी का जिला अध्यक्ष होने का दावा करते हुए दायर की थी। उच्च न्यायालय ने यादव की रिट याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए उन्हें इसी देरी के कारण आगे की कार्रवाई करने से भी रोक दिया था।
अदालत के समक्ष समाजवादी पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि पार्टी यादव की याचिका का समर्थन नहीं करती है। पीलीभीत नगर पालिका परिषद द्वारा बिना उचित प्रक्रिया के जबरन बेदखली की गई है। उन्होंने तर्क दिया कि पार्टी पिछले 16 वर्षों से कार्यालय परिसर के लिए किराया दे रही है
