भोपाल, 10 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरा होने के अवसर पर केंद्र सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा रखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि जनता के विश्वास पर निरंतर खरे उतरते हुए लगातार सरकार बनाते जाना श्री मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
डॉ यादव ने श्री मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरे होने पर यहां संवाददाताओं से चर्चा की। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ यादव ने श्री मोदी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया।
डॉ यादव ने कहा कि श्री मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि लगातार तीसरी बार सरकार बनाना है, क्योंकि वे निरंतर लोगों का विश्वास जीत रहे हैं। वे जबर्दस्त चुनौतियों के बीच भी जनता के विश्वास पर खरे उतर रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि हम पड़ोस के देशों में देखें कि लोकतंत्र के नायकों के साथ जनता का व्यवहार कैसा हो रहा है। वहीं श्री मोदी के प्रति जनता का कितना विश्वास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी ने पुराने से पुराने मसलों को बिना किसी परेशानी के हल किया। धारा 370 के मसले पर विपक्ष के भाषण याद करें, भय का माहौल पैदा किया गया था, फिर भी सब कुछ बेहद सहजता से हुआ। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब कश्मीर के सभी राजनीतिक दल से लेकर असदुद्दीन ओवैसी तक कितनी अच्छी बात कर रहे हैं। देश का नायक जब शक्ति संपन्न होता है, सरकार जब सक्षम होती है तो ये अनुकूलता बन जाती है।
उन्होंने कहा कि अभी के युद्ध के समय देखें, इसके पहले हमेशा विशेष धर्म के देश के लोगों के पाकिस्तान से जुड़ने की बात होती थी, पर अब सऊदी अरब से लेकर अन्य देशों के मन में भी श्री मोदी के प्रति ही सम्मान बन रहा है। ये देश की सफल विदेश नीति को बताता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने बहुमत की सरकार न होने की कठिनाइयां झेलीं, ऐसी सरकार की अपनी मर्यादा थी। अब की परिस्थितियों की बात करें तो इस बार श्री मोदी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि पाकिस्तान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और अब आतंकवादियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीमित समय में ही इस बार भारत ने पाकिस्तान को बिल्कुल ‘आड़ा’ कर दिया, उसे उसके घर में उसके परमाणु हथियार से कुछ ही दूरी पर मारा, उसकी ओर से सीजफायर की बात आई। ये कम बड़ी बात नहीं है। इसके पहले पाक ने सीजफायर की बात नहीं की थी।
डॉ यादव ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के आपस के संबंध भी सुधर रहे हैं। नदी जोड़ो अभियान के लिए मध्यप्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी लड़ाई लड़ी थी, इसके बाद भी इतने लंबे समय से कुछ काम नहीं हुआ। अब मध्यप्रदेश कई राज्यों के साथ मिलकर इससे जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड जैसे कठिन काल में भी प्रधानमंत्री के फैसले देश को संभालने वाले रहे। लॉकडाउन का बहुत कठिन फैसला था, लेकिन धीरे धीरे हम उसी लॉकडाउन की वजह से ही वापस उबरे। देश में इतनी जल्दी दवाइयां बन गईं, जबकि पहले टीके बनने में कई साल लग जाते थे। भारत ने कोविड के दौरान 100 से ज्यादा देशों को मदद की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत 15वें नंबर की अर्थव्यवस्था था, पूर्व प्रधानमंत्री मनमाेहन सिंह ने वित्त मंत्री के रूप में भी काम किया था, उसके बाद भी उन्होंने देश को किस स्थिति में छोड़ा था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को संभाला। उन्होंने तुष्टिकरण को खत्म किया। जीएसटी लागू करने जैसे नवाचार किए। मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाते हुए तीन तलाक खत्म कर दिया। वे हमेशा राष्ट्र प्रथम की बात करते हैं।
स्वच्छता का जिक्र करते हुए डॉ यादव ने कहा कि श्री मोदी ने हर घर शौचालय जैसे अभियान को अंजाम देते हुए महिलाओं की सबसे बड़ी परेशानी को खत्म किया। अंत्योदय के सिद्धांत को भी उन्होंने पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के काम करने के तरीके के बलबूते पर अंतरर्राष्ट्रीय मापदंड भी बदले जा रहे हैं। पहले हर चीज डॉलर में देखी जाती थी। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले इंदौर हवाईअड्डे पर समोसा 200 रुपए का मिलता था। अब श्री मोदी ने ऐसी चीजों को भारतीय दृष्टिकोण के हिसाब से बदला है। डिजिटल पेमेंट जैसी व्यवस्थाओं ने गरीब का जीवन बदल दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दूसरे स्थानों के ‘रिटायर्ड’ विमान भारत को बेच दिए जाते थे। आज हम इन सब चीजों में भी निर्यात की स्थिति में आ रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में डाॅ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेट्रो और नदी जोड़ो परियोजना, ये सब केंद्र सरकार और श्री मोदी के ही कारण हैं। उन्होंने कहा कि उनके डेढ़ साल के कार्यकाल में 11 बार श्री मोदी राज्य में आए हैं, ये प्रदेश का सौभाग्य है।

