मुंबई, 09 जून (वार्ता) उपभोक्ता भावना में सुधार, आयकर छूट और अनुकूल मौद्रिक नीतियों जैसी सकारात्मक आर्थिक परिस्थितियों की बदौलत वित्त वर्ष 2025–26 में देश का दोपहिया वाहन उद्योग आठ–नौ प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ कोविड-पूर्व बिक्री स्तरों को पार कर सकता है।
केयरएज रेटिंग्स की सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024–25 में मोटरसाइकिल की बिक्री में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि इसके पिछले वर्ष आठ प्रतिशत रही थी। वहीं, स्कूटर की बिक्री में उल्लेखनीय रूप से 17 प्रतिशत की बद्धोतरी हुई। यह सकारात्मक रुझान आगामी वर्ष में भी जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि उच्च आधार प्रभाव और ओबीडी-II चरण-बी उत्सर्जन मानदंडों के लागू होने के चलते कुछ हद तक गति में नरमी आ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि वित्त वर्ष 2024–25 के उच्च आधार और ओबीडी-2 चरण-बी उत्सर्जन मानकों के प्रभाव से वृद्धि की गति कुछ हद तक धीमी पड़ सकती है, फिर भी समग्र परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। मुद्रास्फीति में नरमी, 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट से उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति में वृद्धि और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा फरवरी और जून 2025 में कुल 150 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती जैसे कारक मांग को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। इसके अलावा अनुकूल मानसून की संभावना भी ग्रामीण मांग को प्रोत्साहित कर सकती है, जिससे बिक्री में और मजबूती आने की उम्मीद है।
केयरएज रेटिंग्स ने यह भी बताया कि यह रुझान आने वाले वर्षों में भी जारी रह सकता है। आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहन उद्योग ने वित्त वर्ष 2022–23, 2023–24 और 2024–25 में क्रमशः आठ प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 11 प्रतिशत की स्वस्थ बिक्री वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उद्योग निरंतर पुनरुद्धार की राह पर अग्रसर है।
