
सीधी। चुरहट के पूर्व विधायक शरदेन्दु तिवारी द्वारा आरईएस विभाग के ट्रांसफर को लेकर प्रभारी मंत्री को भेजी गई कथित सिफारिशी सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल पत्र में उपयंत्री बृजेन्द्र प्रसाद कोरी समेत छह कर्मचारियों की विशेष स्थानों पर पदस्थापना की अनुशंसा की गई है। इसमें उल्लेख है कि कोरी की कार्यशैली शासन की मंशा अनुरूप है, इसलिए उन्हें चुरहट के आरईएस अनुभाग में प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी के रूप में पदस्थ किया जाए। पत्र के अन्य पृष्ठों में पांच अन्य उपयंत्रियों और कर्मचारियों के वर्तमान तथा नवीन पदस्थानों का विवरण दिया गया है, साथ ही अंत में विरोधाभासी रूप से उन्हें जिले से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध भी किया गया है। इस विरोधाभास और सूची के वायरल होने से ट्रांसफर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने इसे भाजपा का ट्रांसफर उद्योग बताते हुए तीखी आलोचना की है। हालांकि पूर्व विधायक ने पत्र की पुष्टि नहीं की है, फिर भी चर्चाएं तेज़ हैं कि यदि इन सिफारिशों पर अमल होता है तो आरईएस विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है।
इनका कहना है
प्रदेश में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की कार्यवाही शुरू होते ही चुरहट के पूर्व विधायक शरदेन्दु तिवारी द्वारा क्षेत्र में पदस्थ कुछ कर्मचारियों को अन्य स्थानों में स्थानांतरित करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री को जो सूची भेजी गई है। उसे देखने से स्पष्ट हो रहा है कि एक बार फिर आरईएस विभाग को भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों का अड्डा बनाना चाहते हैं।
ज्ञानेन्द्र अग्रिहोत्री, महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी
