(अरविंद कुमार कपिल)
भोपाल।राजधानी के पुलिस थानों में लाखों रुपये का सरकारी सामान, जिसमें हजारों ट्रैफिक बैरिकेड्स भी शामिल हैं, उचित देखरेख के अभाव में कबाड़ में बदल रहा है। यह स्थिति न केवल सरकारी धन की बर्बादी का सूचक है, बल्कि आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
‘नव भारत’ की पड़ताल के अनुसार, शहर के पुराने पुलिस कंट्रोल रूम और ट्रैफिक थाने के पास एक हजार से अधिक बैरिकेड्स खुले में पड़े हैं, जो जंग और मिट्टी के कारण सड़ने लगे हैं। इसी तरह, शहर के अन्य थानों के परिसरों में भी लगभग आठ सौ से अधिक बैरिकेड्स अनुपयोगी पड़े हुए हैं। ये बैरिकेड्स ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए थे, लेकिन अब किसी काम के नहीं रह गए हैं।
मामले में थाना प्रभारियों का कहना है कि ये बैरिकेड्स ट्रैफिक पुलिस द्वारा यहां रखवाए गए थे और इन्हें हटाने का काम भी ट्रैफिक पुलिस द्वारा ही किया जाएगा। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी हैं और यह निर्देश भी दिए गए हैं कि इन सामानों को मरम्मत करवाकर उन थानों में पहुंचाया जाए जहां इनकी आवश्यकता है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई ठोस योजना लागू नहीं हो पाई है।
इनका कहना है
जो बैरिकेड्स मरम्मत योग्य हैं, उनकी मरम्मत करवाई जा रही है। पिछले छह महीनों में 50 से अधिक बैरिकेड्स की मरम्मत की गई है। हालांकि, जो बैरिकेड्स पूरी तरह से खराब हो चुके हैं, उन्हें कबाड़ में भेजा जाएगा। ट्रैफिक थाने की साफ-सफाई का काम चल रहा है और जल्द ही स्थिति में सुधार होगा। जब्त वाहनों को थाने के सामने से हटाने का काम भी शुरू हो गया है।
संजय कुमार सिंह, ट्रैफिक डीसीपी
