इंदौर: एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने बेरोजगारी व धोखाधड़ी से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मामले में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टंम के लिए अस्पताल भेज जांच शुरु की.50 वर्षीय जितेंद्र मालवीय की शुक्रवार को तो दोपहर एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उन्होंने 20 मई को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, परिजनों का आरोप है कि जिस फर्म में वह काम करते थे, उसके मालिक और चार्टर्ड अकाउंटेंट ने उनके और उनकी पत्नी के नाम से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी की गड़बड़ी की. साथ ही, उन्हें एक साल पहले नौकरी से भी निकाल दिया था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे.
वहीं थाना प्रभारी वरुण सिंह भाटी ने बताया कि जितेंद्र ने 20 मई को घर में जहरीला पदार्थ खाया और बाहर निकल गए. रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर वे खुद अस्पताल पहुंचे. इलाज के दौरान चार दिन बाद उनकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी बबीता मालवीय ने पुलिस को बताया कि पहले पति के नाम पर एक फर्म शुरू की गई थी, जिसका उपयोग कारोबारी लेन-देन में हुआ.
फर्म बंद होने के बाद भी उसी नाम से जीएसटी के बिल जारी हो रहे थे. बाद में मेरे नाम से भी एक फर्म बनाई गई, जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं थी. बबीता ने यह भी बताया कि एक साल पहले जितेंद्र को नौकरी से निकाल दिया था. इसके बाद से वे मानसिक तनाव में रहते थे. कुछ लोग पैसों की मांग कर उन्हें लगातार दबाव में डाल रहे थे. पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है. संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी.
