गुना: नगर परिषद का विशेष सम्मेलन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। पिछली बैठक में शहर के विकास संबंधी कई प्रस्तावों का विरोध करने वाले भाजपा पार्षद इस बार साफ तौर पर इन प्रस्तावों के पक्ष में दिखाई दिए। प्रदेश से भेजे गए तीन बड़े प्रस्ताव परिषद की बैठक में पेश किए गए और सभी सर्वसम्मति से पास हो गए। कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया, लेकिन भाजपा का समर्थन निर्णायक साबित हुआ।
विशेष सम्मेलन में तीन प्रमुख प्रस्ताव पेश किए गए: एक राष्ट्र, एक चुनाव के समर्थन का प्रस्ताव, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी सुधारों का समर्थन और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव। डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी सीएमओ मंजुषा खत्री ने क्रमशः इन प्रस्तावों को परिषद के समक्ष रखा।
बैठक का उद्घाटन नगर परिषद की अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने किया और संचालन प्रभारी सीएमओ मंजुषा खत्री ने संभाला। दोपहर दो बजे शुरू हुई बैठक में पार्षदों ने शहर के विकास, प्रशासनिक सुधार और राष्ट्रीय नीतियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इससे पहले सितंबर माह में हुई पिछली बैठक में शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों जैसे गुना रेलवे स्टेशन में 1.50 करोड़ रुपए की लागत से बल्क वाटर सप्लाई, जिला न्यायालय से नानाखेड़ी पेट्रोल पंप तक 2.10 करोड़ रुपए से डामरीकरण, हनुमान चौराहा से जज्जी बस स्टैंड तक 1.50 करोड़ रुपए का डामरीकरण और ऑडिटोरियम में 60 लाख रुपए से 600 कुर्सियों की खरीद पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में भाजपा के 12 पार्षदों ने कांग्रेस के साथ मिलकर इन प्रस्तावों के खिलाफ वोट दिया था।
हालांकि, पिछली बैठक में विरोध करने वाले भाजपा पार्षदों पर पार्टी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैठक से कुछ दिन पहले ही जिलाध्यक्ष की समझ के तहत इन पार्षदों ने सभी प्रस्तावों पर सहमति दर्ज कराई, जिससे शुक्रवार की बैठक में तीनों प्रस्ताव बिना किसी विवाद के पास हो गए।
