संयुक्त राष्ट्र, 24 मई (वार्ता) इजरायली हमलों से गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि ज्यादातर लोग भुखमरी से मरने लगे हैं और मानवीय सहायता के तौर पर भेजे जाने वाले बहुत से ट्रकों को हाल ही में गाजावासियों ने लूट लिया है।
संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि गाजा इस समय सबसे खराब समय का सामना कर रहा है। इजरायल ने लंबे समय की पाबंदी के बाद जब गाजा वालों के लिए राहत सामग्री वाले ट्रकों को जाने की इजाजत दी तो कई ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए।
श्री गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा, “हमने लगभग 100 ट्रकों को केरेम शालोम (करेम अबू सलेम) में भेजा और क्रॉसिंग के फिलिस्तीनी वाले छोर से लगभग 35 ट्रकों को भेजा ताकि उन्हें गाजा में उन जगहों के करीब लाया जा सके जहां लोगों को उनकी ज़रूरत है।”
उन्होंने कहा कि लेकिन बुधवार को निवासियों ने आटे से भरे छह ट्रकों को रोक कर उन्हें लूट लिया। श्री हक ने कहा “शुक्रवार रात 15 अन्य ट्रकों को भी इसी तरह लूटा गया। हमारा मानना है कि ये संगठित आपराधिक लूटपाट के मामले नहीं हैं। यह उन लोगों द्वारा की गई लूट है जो हताशा और भूख का सामना कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि इज़रायल ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि गाजावासियों को दी जाने वाली अंतरीरष्ट्रीय सहायता का अधिकांश हिस्सा आतंकवादी संगठन हमास को पहुंचा दिया जाता है जो फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी की मौन स्वीकृति के साथ ही संभव हो रहा है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने इस आरोप का दृढ़ता से खंडन किया है।
उप प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के कार्यकर्ता स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास जीतने के लिए बातचीत कर रहे हैं ताकि भविष्य में लूटपाट न होना इसको सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि उन्होंने कहा कि लूटपाट से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि इन जगहों में अधिक सहायता पहुंचाई जाए ताकि लोगों को ऐसी हताशा का सामना न करना पड़े।
पत्रकारों के साथ एक मुलाकात में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इसी आह्वान को दोहराया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगभग 80 दिनों के बाद सहायता की झलक देखी गयी है। गाजा के लिए राहत सहायता को इजरायल ने प्रतिबंधित कर रखा था।
श्री गुटेरेस ने कहा कि इजरायल को कम से कम राहत सामग्री पर रोक नहीं लगानी चाहिए। यह क्रूरता की हद है जिसका सामना गाजा के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजरायल ने 400 ट्रकों को मंजूरी दी थी। हालांकि इनमें से 115 ही गाजा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार तेज कर दिया है और जोरदार तबाही मचाने लगा है।
उन्होंने कहा, “अब तक क्षेत्र में पहुंची अधिकृत सभी सहायता नाकाफी है जबकि हमें सहायता की ‘सुनामी’ या फिर कहें ‘बाढ़’ की आवश्यकता है। ज़रूरतें बहुत बड़ी हैं और बाधाएँ चौंका देने वाली हैं। हमारे द्वारा वितरित किए जाने वाले सामानों पर सख्त कोटा लगाया जा रहा है। साथ ही अनावश्यक देरी भी की जा रही है।”
इस बीच श्री हक ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम ने भी गाजा में अधिक मात्रा में सहायता को ज्यादा बार, तेजी से और सुरक्षित मार्गों से पहुंचाने के लिए इजरायली अधिकारियों से समर्थन की अपील की है। प्रवक्ता ने कहा कि गाजा के बाहर एकत्र की गई आपूर्ति आमतौर पर समय लेने वाली चेकपॉइंट प्रक्रियाओं के कारण एक या दो दिन पहले ही क्रॉसिंग पर पहुंच पाती है।
श्री हक ने कहा कि सभी चुनौतियों के बावजूद गाजा में संयुक्त राष्ट्र की टीमें बताती हैं कि जो थोड़ी बहुत सहायता मिल रही है, वह पहले से ही जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही है। गुरुवार को कुछ बेकरियों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा उपलब्ध कराए गए आटे और ईंधन का उपयोग करके ओवन जलाने में सफलता भी प्राप्त की।
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि इजरायल और आतंकवादी संगठन हमास के बीच शत्रुता बढ़ने से गाजा की पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली और चरमरा गई है। संगठन ने उत्तरी गाजा में अल अवदा अस्पताल पर गुरुवार को हुए हमले का हवाला दिया जहां डब्ल्यूएचओ द्वारा मरीजों के इलाज के लिए प्रदान किए गए आपातकालीन टेंटों में आग लगने से गोदाम में मौजूद सभी चिकित्सा आपूर्ति जल गई और भूतल पर खड़े सभी वाहन नष्ट हो गए। इससे लाेगों को डब्ल्यूएचओ के अस्पताल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। अस्पताल के ने बताया कि आग पर अभी तक पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया है।

