
बालाघाट। जिले में नकली नोट छापने और उसे चलाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जिसमें पुलिस ने 5 आरोपी को गिरफ्तार किया है
बालाघाट सेंटर पॉइंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार पकडे गये इस गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ है महाराष्ट्र के नागपुर और गोंदिया में नोटों की छपाई की जाती थी और बालाघाट जिला नोटों की सप्लाई का मुख्य पॉइंट बन गया जहा से चारो तरफ नोटों की सप्लाई होने मे आसानी होती है l
पांच आरोपी गिरफ्तार
अभिषेक चौधरी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के साथ हेमंत नायक थाना प्रभारी वारासिवनी ने बताया की इस गिरोह से जुड़े 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इस गिरोह के मास्टर माईंड की तलाश में पुलिस की टीमें महाराष्ट्र में पहुंची है।उन्होने यह भी बताया कि
इनका नेटवर्क मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र में फैला हुआ है तथा बालाघाट जिला नकली नोटों के वितरण के लिये सेंटर पॉइंट बनाया गया है।
बाजारों में खपा रहे नोट
पुलिस की जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है की इस गिरोह द्वारा हाई रेजोल्यूशन प्रिंटर और स्केनर से 100,200,500 के नकली नोट बनाए जाते थे जिन्हें सीमावर्ती ग्रामीण मार्गों से बालाघाट लाया जाता था जहां से उन्हें हाट बाजारों सब्जी मंडी और पेट्रोल पंपों में खपाया जाता था।
विशेष तकनीक से तैयार होते है नकली नोट
छोटे मूल्य के लेन देन में नकली नोट देकर असली नोट प्राप्त करना इस गिरोह की खास रणनीति थी ताकि पकड से बचा जा सके।
नकली नोटों की छपाई के लिये गोंदिया और नागपुर के किराये घरों में प्रिंटिंग यूनिट स्थापित कर रखी थी जहां स्पेशल इंक सिक्योरिटी थ्रेड और वाटर मार्क जैसी तकनीकी से नकली नोट तैयार किये जाते थे।
असली जैसे दिखते है नकली नोट
चोरों के बाजार में छपकर तैयार हुये नकली नोट इतने सफाई से बनाये जाते थे जो असली नोट जैसे दिखते थी जिन्हें सामान्य व्यक्ति पहचान नही सकता। पुलिस द्वारा आरोपियों से मोबाइल, पिंटर और नोटों को जांच के लिये भेजा है जांच के दौरान कई डिजिटल लेनदेन और कॉल रिकार्ड पुलिस के हाथ लगे
सचेत रहने के निर्देश
इस गिरोह के हाथ लगने के बाद पुलिस ने सभी बैंकों, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सचेत रहते हुये नकली नोट पहचानने की तकनीक देने के निर्देश दिये है इसकी अतिरिक्त जिले में सप्ताहिक हाट बाजारों में सर्चिग अभियान भी चलाया जा रहा है इसके अलावा डिजिटल पैमेंट मानिटरिंग भी निगरानी भी रखी जा रही है ताकि सर्दिग्ध लेनदेन पकड़ में आ सके।
जिले से लगी है दो राज्यों की सीमा
यह उल्लेखनीय है की बालाघाट जिले की सीमायें महाराष्ट्र छत्तीसगढ से लगी हुई है जिसके कारण नकली नोटों का नेटवर्क के लिये बालाघाट जिला सबसे सुरक्षित साबित हुआ है।
अन्य जिलों में जा रही नोट
यह भी पता चला है की गोंदिया ओर नागपूर में छापे गये नकली नोटों की खेप ट्रक, बसों और नीजि वाहनों के जरिये छत्तीसगढ के कवर्धा, राजनांदगांव और मध्यप्रदेश के मण्डला, डिडौरी तक भेजी जाती थी।पुलिस ने सीमा क्षेत्र में कड़ी नाकेबंदी बड़ा दी है।
