
सुसनेर। समीपस्थ ग्राम सालरिया में संचालित एशिया के प्रथम कामधेनु गो अभ्यारण्य से शुक्रवार को अलीराजपुर जिले के किसानों को कृषि कार्य करने के उदे्श्य से बैल उपलब्ध कराए गए हैं. गो अभ्यारण के प्रबंधक शिवराज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अलीराजपुर जिला मध्यप्रदेश की अंतिम सीमा गुजरात बॉर्डर से लगा हुआ आदिवासी अंचल है और वहां के किसान पहाड़ी क्षेत्र में आज भी बैल के माध्यम से खेती करते हैं.
दरअसल, पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेक्टर आदि नहीं जा पाते है और वहां के किसान आज भी मालवी नस्ल के बैल से खेती करते है. इसलिए राज्य के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं आगर मालवा जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने जिला कलेक्टर अलीराजपुर एवं आगर मालवा को पत्र लिखकर मालवी नस्ल के बैल उपलब्ध करवाने के लिए लिखा था. उसी के परिपालन में जिला कलेक्टर आगर मालवा ने उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग आगर मालवा को गो अभ्यारण्य सालरिया से बैल उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा. उसी के तहत कामधेनु गो अभ्यारण्य सालरिया ने अलीराजपुर के किसानों को 36 बैल निशुल्क उपलब्ध करवाए, जिन्हें तीन बड़े ट्रकों के माध्यम से स्वास्थ्य निरीक्षण एवं अन्य शासकीय कार्यवाही की पूर्ति करके रवाना किया. साथ ही गो अभ्यारण्य प्रबंधन ने हर माह जिन किसानों को कृषि कार्य हेतु बैल उपलब्ध करवाए हैं. उन किसानों से व्यक्तिगत मिलकर उनकी सार संभाल लेगा.
