भोपाल, 21 मई (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहित्याबाई की जयंती 31 मई को आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में देवी अहित्याबाई की सोच की झलक दिखेगी।
डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हम महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं, जिसकी सफलता से भोपाल एक नया रिकॉर्ड बनाएगा। कुछ दिनों पहले ही हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन आयोजित हो रहा है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन की तैयारियों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि चार स्तंभों महिला, युवा, गरीब और किसानों की जीवन को बेहतर बनाना, इन्हें आत्मनिर्भर बनाना का संकल्प लिया गया है। देवी अहिल्याबाई की सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री ने अपने इस संकल्प की पूर्ति की दिशा में विभिन्न योजनायें शुरू की गई हैं, जिनसे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन में विभिन्न स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हुई, उद्यमी, हितग्राही आदि दो लाख से अधिक बहनें शामिल होंगी। महासम्मेलन में उनके काम और उनके उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस महासम्मेलन में प्रधानमंत्री के महिला सशक्तीकरण के संकल्प की झलक दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी कहते हैं कि बहनों की प्रगति के बिना भारत की प्रगति नहीं हो सकती। हम उम्मीद करते हैं कि महिला महामहासम्मेलन में यह कांसेप्ट धरातल पर उतरेगा। मध्यप्रदेश में बहन-बेटियों के प्रति जो भावना है, सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनके बलबूते पर यह विश्वास पैदा हुआ है कि हम नर और नारी में कोई भेद महसूस नहीं करते। प्रदेश के विभिन्न विभागों में महिला सशक्तीकरण के लिए जो काम चल रहे हैं, उन्हें भी इस महासम्मेलन में प्रदर्शित किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि बहनों के स्व सहायता समूह बड़े औद्योगिक समूहों में बदलें। कृषि, पशुपालन, दूध उत्पादन में एवं हार्टिकल्चर के क्षेत्र में बहनों के स्व सहायता समूह आगे आएं। मछली पालन में बहनों की भागीदारी बढ़े। उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ें और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बने।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार रानी अहिल्याबाई की तरह सत्ता को सेवा का माध्यम मानती है। देवी अहिल्याबाई की जयंती पर आयोजित होने वाले महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री मोदी आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में दो लाख से अधिक बहनें शामिल होंगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस आयोजन की सफलता और प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा है, उसी तरह प्रधानमंत्री के स्वागत को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी का पूरा संगठन एवं कार्यकर्ता लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इंदौर में कैबिनेट की जो बैठक हुई, जो निर्णय लिये गए, उनमें देवी अहिल्याबाई के स्व शासन की झलक दिखाई देती है। चाहे ओंकारेश्वर का अद्वैत लोक हो, या इंदौर का अहिल्याबाई होल्कर लोक हो, बहनों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान हो, इनसे देवी अहिल्याबाई की परिकल्पना ही साकार होगी। उन्हाेंने कहा कि मेट्रोपोलिटन काउंसिल के रूप में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए जो कांसेप्ट और सौगात प्रदेश को दी है।
इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, लोकेंद्र पाराशर, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रविंद्र यति एवं नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।

