जबलपुर: मुख्य रेलवे स्टेशन पर 6 और एक छोटा प्लेटफार्म 1 ए मौजुद है। बाबजूद इसके यहां आने वाली ज्यादातर ट्रेनें आउटर में रुक रही है। क्योंकि प्लेटफार्म क्रमांक 4 और 5 पर यहां से खुलने वाली ट्रेनों के खाली रैक खड़े रहते है। जिसके चलते लोको पायलट, गार्ड और ट्रेनों में बैठे यात्री परेशान होते है। यात्रियों की माने तो मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 बीते कुछ महीनों से ट्रेन संचालन के बजाय स्थायी यार्ड में तब्दील हो चुके हैं।
यहां अब यात्री ट्रेनों का ठहराव नहीं हो रहा, बल्कि ट्रेनों के खाली रैक खड़े किए जा रहे हैं। जानकारों के मुताबिक के महाकौशल, अमरावती, दयोदय, सोमनाथ जैसी यात्री ट्रेनों के खाली रैक दिनभर इन प्लेटफार्मों में जमे रहते है।रविवार और सोमवार की दोपहर जबलपुर आने के दौरान महानगरी, दानापुर एक्सप्रेस तीसरे पुल के पास करीब दस से बारह मिनट तक आउटर पर खड़ी देखी गई थी। इस वजह से न सिर्फ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि प्लेटफार्मों पर खाने पीने के स्टॉल संचालित करने वाले व्यवसायियों को भी भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ब्लॉक हुए प्लेटफार्म, नहीं होती आवक
इन प्लेटफार्म पर मौजुद व्यवसायियों का कहना है कि उन्होंने रेलवे को लाखों रुपए की फीस चुका कर टेंडर लिए थे। लेकिन प्लेटफार्म पर खड़े ट्रेनों के खाली रैक के कारण व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, वे अब अपने रोजमर्रा के खर्च भी नहीं निकाल पा रहे। स्टॉल संचालकों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से चल रही इस स्थिति के चलते वे गंभीर वित्तीय संकट में हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले ऐसी ही स्थिति प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पर भी बनी थी।
इनका कहना है
रेलवे के लिए सभी प्लेटफार्म जरूरी है। बात अगर खाली रैक खड़े रहने की तो इसे में तत्काल दिखवाता हूं।
हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल
