विदिशा, शहर के कुछ ऐसे इलाकें ऐसे है जिनको संवेदनशील माना जाता है, यहां पर होने वाले अपराधों को कम करने के लिए इन इलाकों में पुलिस चौकियों को खोला गया था, लेकिन अब इन चौकियों पर ताले लटके हुए हैं, मोहनगिरी इलाका और सोंठिया फाटक के पास भी पुलिस चौकी बनाई गई थी जिस पर कई सालों से ताला लटका हुआ है. दोनों ही इलाकों में बनी चौकियों को शुरू करने की मांंग कई बार उठ चुकी है, वहीं दूसरी तरफ शहर का करैयाखेड़ा, सुभाष नगर और शेरपुरा ऐसे इलाके उभर कर सामने आए हैं जहां पर क्राइम बढ़ा है. जिनमेे से करैयाखेड़ा इलाके में पुलिस चौकी बनाने की मांग भी उठ चुकी है.शहर के मोहन गिरी बस स्टैंड के पास स्थित पुलिस सहायता केंद्र पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। जैन स्कूल के पास बने इस केंद्र की हालत आज जर्जर हो चुकी है। दीवारों पर पोस्टर और विज्ञापन चिपके हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि इस केंद्र की लंबे समय से कोई देखरेख नहीं की गई है। यह केंद्र कभी यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह उपेक्षा का शिकार है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में आए दिन भीड़ रहती है, जहां पुलिस सहायता केंद्र का सक्रिय होना जरूरी है. यहां असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह केंद्र उपयोगी साबित हो सकता है.लोगों की मांग है कि प्रशासन इस केंद्र की मरम्मत कर इसे फिर से चालू करे, ताकि नागरिकों को समय पर मदद मिल सके और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े इस केंद्र की स्थिति यह बताती है कि संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण जनता को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. इस संबंध में एसपी रोहित काशवानी का कहना है कि जरूरत के हिसाब से पुलिस चौैकियों में बल बढ़ाया जाएगा.
