रीवा:रीवा शहर की सडक़े पहले से ही अतिक्रमण की चपेट में है और अब आटो के बाद ई-रिक्सा ने सडक़ो पर चलना मुश्किल कर दिया है.हालत यह है कि मुख्य बाजार की सडक़ो से पैदन नही निकल सकते. चारो तरफ केवल ई-रिक्सा ही नजर आते है. तंग गलियो में ई-रिक्सा के चलने से जाम की स्थित निर्मित होती हे तो वही चौराहो पर चारो तरफ ई-रिक्सा खड़े हो जाते है जिसके कारण कार नही निकल पाती.
शहर के झिरिया टंकी से लेकर जयस्तंभ तक और अस्पताल चौराहे से लेकर अमहिया मार्ग सिरमौर चौराहे तक ई-रिक्सा की भरमार है. इसके अलावा शहर के अन्य मार्गो पर केवल ई-रिक्सा ही नजर आते है. कही पर भी खड़ा कर देते है और सडक़ के किसी भी मोड़ पर एक साथ कई ई-रिक्सा खड़े हो जाते है. जिसके कारण कोई पैदल भी नही निकल पाता. सबसे ज्यादा स्थित प्रकाश चौराहा और घोड़ा चौराहा, अस्पताल चौराहे के पास है.
यहा आधा सैकड़ा की संख्या में ई-रिक्सा खड़े रहते है. जानकी पार्क जाने वाली रोड़ में पैदल चलना मुश्किल होता है पर यहा भी ई रिक्सा का कब्जा है. ऊपर से हाथ ठेले खड़े हो जाते है, ऐसी स्थित में लोगो को जाम में फसना पड़ता है. सब्जी मंडी और जानकी पार्क में खरीददारी करने वालो को सबसे ज्यादा दिक्कत जाती है. इसी तरह फोर्ट रोड़ में भी ई रिक्सा का बोलबाला है. धीरे-धीरे शहर में आटो की धमाचौकड़ी कम हुई तो ई-रिक्सा ने हालत खराब कर दी है.
