भोपाल: मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। नटराजन ने रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को चुनौती देते हुए न्यायालय में याचिका दायर की है। इसी बीच इस पूरे विवाद पर भारत निर्वाचन आयोग का फैसला भी किसी भी समय आ सकता है, क्योंकि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि आज ही है।
मीनाक्षी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को चुनौती देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।याचिका में झारखंड से भाजपा समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार परमल नाथानी के नामांकन का भी उल्लेख किया गया है। नटराजन पक्ष का कहना है कि नाथानी के नामांकन से जुड़े कुछ तथ्यों और रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सुनवाई के लिए दिए गए समय का मुद्दा चुनाव आयोग के समक्ष प्रभावी रूप से नहीं रखा जा सका था, क्योंकि उस समय तक संबंधित निर्णय सामने नहीं आया था।
इस बीच पूरे मामले पर भारत निर्वाचन आयोग का फैसला भी लंबित है और इसके आज ही आने की संभावना जताई जा रही है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि गुरुवार होने के कारण आयोग के निर्णय पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। राज्यसभा की इस सीट के लिए मतदान 18 जून को प्रस्तावित है।गौरतलब है कि 9 जून को मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रधान सचिव एवं रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया था।
यह कार्रवाई भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार महेश केवट द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपने चुनावी शपथपत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले का उल्लेख नहीं किया था। इसी आधार पर उनके नामांकन को अमान्य घोषित किया गया था।
