अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण और समझौते तक नाकाबंदी जारी रखने की सख्त चेतावनी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान (Iran) के साथ चल रहे तनाव को खत्म करने में उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है, क्योंकि वार्ता अभी जारी है और समय ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका खुद को किसी तय समय-सीमा में नहीं बांधना चाहता।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने सैन्य बढ़त हासिल कर ली है और अब ध्यान इस बात पर है कि समझौता होता है या नहीं यदि समझौता नहीं हुआ, तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी गतिविधियां तेज कर रही है और बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी बढ़ाया गया है। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक और ईरानी टैंकर जब्त करने का दावा किया, जबकि इससे पहले ईरान (Iran) पर इसी जलडमरूमध्य में तीन कार्गो जहाजों पर हमले का आरोप है। इस तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और उसकी नौसेना, वायु सेना तथा रक्षा प्रणालियां प्रभावी नहीं रहीं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में भी अस्थिरता है और आंतरिक संघर्ष जारी है।
ओबामा के समझौते को समाप्त करना जरूरी था
डोनाल्ड ट्रंप ने कासिम सुलेमानी को एक प्रतिभाशाली जनरल बताते हुए कहा कि उनकी मौत के बाद हालात में बदलाव आया। उन्होंने बराक ओबामा के समय हुए परमाणु समझौते की आलोचना की और कहा कि उसे समाप्त करना जरूरी था, क्योंकि वह ईरान (Iran) को परमाणु हथियार विकसित करने का रास्ता देता था। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु बम हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
बिना समझौते के नहीं खुलेगा होर्मुज
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी है और ईरान की आर्थिक स्थिति कमजोर है, जिससे वह समझौते के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन ईरान में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की कमी बनी हुई है।
अंत में, ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिलहाल बंद है और उस पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि इसे तभी खोला जाएगा जब कोई समझौता हो जाएगा, क्योंकि इसके खुलने से ईरान को भारी आर्थिक लाभ होगा, जिसे वे अभी रोकना चाहते हैं।
