मुरैना: कैलारस स्थित मुरैना मंडल सहकारी शक्कर कारखाने की नीलामी के विरोध में किसानों, श्रमिकों और जनप्रतिनिधियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति ने सामूहिक उपवास शुरू कर दिया। समिति के संयोजक एवं जोरा विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि सरकार लगातार किसानों और युवाओं के साथ छल कर रही है।
मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री कारखाना जल्द शुरू करने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन हर बार वादों के विपरीत नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। फिर से तहसील प्रांगण, कैलारस में कारखाने की जमीन की नीलामी की तैयारी की जा रही है। संघर्ष समिति की मांग है कि शक्कर कारखाने की संपत्ति को नीलाम करने के बजाय इसे सहकारिता क्षेत्र में नई तकनीक और आधुनिक मशीनों के साथ वापस शुरू किया जाए।
साथ ही उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए किसानों और कर्मचारियों का बकाया भुगतान राज्य सरकार विशेष आर्थिक सहायता से करे।गौरतलब है कि 1965 में डकैत प्रभावित क्षेत्र के विकास और किसानों की उन्नति के लिए स्थापित यह कारखाना पिछले 14 वर्षों से बंद पड़ा है। कारखाने का पहला पिराई सत्र 1971-72 में शुरू हुआ था, जिससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिली थी। 2011 में कारखाने को बंद कर दिया गया, तब से इसे पुनः शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
