इंदौर: रायकुंडा ग्राम में जनजातीय परंपरा हलमा के आयोजन में सैकड़ों ग्रामीणों ने सहभागिता कर तालाब गहरीकरण के लिए श्रमदान किया. इस अवसर पर प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है.
हलमा जैसी परंपराएं सामूहिक सहयोग की उत्कृष्ट मिसाल हैं और इन्हें पुनः जीवित करना समय की मांग है. मंत्री डॉ. शाह ने रायकुंडा में स्थित 11वीं सदी के प्राचीन कुंड के पुनर्निर्माण और एक भव्य माता मंदिर की स्थापना के लिए केंद्र सरकार एवं पुरातत्व विभाग से चर्चा करने की बात कहीं. उन्होंने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र को एक धार्मिक-आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की.
मंत्री डॉ. शाह ने धर्मशाला निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की स्वीकृति की घोषणा की और रायकुंडा तालाब को पर्यटन एवं रोजगार का केंद्र बनाने हेतु योजनाओं पर कार्य आरंभ करने की बात कहीं। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु अपनी निजी भूमि दान देने वाले गालियां परमार का विशेष रूप से अभिनंदन किया.केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने जनजातीय नायकों को दिए जा रहे सम्मान का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. विधायक ऊषा ठाकुर ने महिषासुरमर्दिनी स्तुति के साथ स्वागत भाषण दिया.
