इंदौर: महू शहर में छावनी परिषद और प्रशासन द्वारा बड़ी अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई गई. यह कार्रवाई विशेष रूप से उन क्षेत्रों में की गई, जहां हाल ही में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. यह कार्रवाई फ्रुट मार्केट, एमजी रोड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में तीन घंटे तक चली. इस दौरान करीब 200 से अधिक गुमटियां, टिन शेड और अवैध निर्माण हटाए गए.
अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम के तहत 10 से अधिक गुमटियां, 40 से ज्यादा नालियों पर बने अवैध निर्माण, और कुछ टीन शेड हटाए गए. इसके अलावा गफ्फार गली, पत्ती बाजार, एमजी रोड और धान मंडी चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर प्रशासन ने कार्रवाई की. इस कार्रवाई के दौरान छावनी परिषद के अधिकारियों और प्रशासन के कर्मचारियों के बीच दुकानदारों से बहस भी हुई, लेकिन प्रशासन ने किसी की भी नहीं सुनी और बुलडोजर से अतिक्रमण हटा दिए. महू शहर में हुई हिंसा के बाद स्थानीय जनता ने दंगाइयों के खिलाफ भी बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी, जिसमें दंगाइयों के घरों और दुकानों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई जा रही थी.
इस संदर्भ में महू की विधायक उषा ठाकुर ने भी सीईओ विकास कुमार के समक्ष सख्त लहजे में दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद छावनी परिषद ने तीन दिन पहले सार्वजनिक सूचना जारी कर नाले-नालियों पर कब्जे किए गए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की. इसके अलावा, रेलवे स्टेशन के पास भी कब्जे हटाने की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था, और अब प्लेटफार्म चार के पास कभी भी कार्रवाई हो सकती है.
कुओं पर बने अतिक्रमण तोड़े
इस कार्रवाई में एसडीएम राकेश परमार, एएसपी रूपेश द्विवेदी, एसडीओपी दिलीप सिंह चौधरी, तहसीलदार विवेक सोनी, थाना प्रभारी राहुल शर्मा, और छावनी परिषद के अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल मौजूद था. महू में अतिक्रमण हटाने के दौरान दौ से अधिक अवैध निर्माण और गुमटियों को हटाया गया. इसके साथ ही तीन कुओं पर बने अतिक्रमण भी ध्वस्त किए गए. यह मुहिम महू कैंटोनमेंट बोर्ड, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से चलाई गई. महू में छावनी परिषद का यह कदम शहर में अतिक्रमण के खिलाफ एक कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.