श्रीनगर, 07 मई (वार्ता) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को सभी पर्यटकों, आगंतुकों और स्थानीय लोगों से अपील की कि जिनके पास हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित कोई और जानकारी, तस्वीरें या वीडियो हैं, वे तुरंत एजेंसी से संपर्क करें।
यह अपील उस दिन की गयी है, जब भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकवादी ठिकानों पर हमले किये हैं। आतंकवादी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति मारा गया था।
पहलगाम हमले की जांच का जिम्मा आधिकारिक तौर पर संभालने वाली एनआईए ने पहले ही हमले के विभिन्न पहलुओं को दिखाने वाली कई तस्वीरें और वीडियो अपने कब्जे में ले लिए हैं और उनकी जांच कर रही है। एनआईए की टीमें हमले की जगह की जांच करने के लिए पहलगाम में डेरा डाले हुए हैं और इस जघन्य अपराध के गवाहों से भी पूछताछ कर रही हैं।
आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने अब यह सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को और अधिक तेज करने का फैसला किया है कि मानवता के खिलाफ इस जघन्य अपराध की जांच में कोई भी उपयोगी जानकारी या सबूत छूट न जाए। एनआईए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से आज जारी एक अपील में ऐसे सभी लोगों से मोबाइल नंबर 9654958816 और/या लैंडलाइन नंबर – 01124368800 पर एजेंसी को कॉल करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी और साथ ही वे जिस तरह की जानकारी या इनपुट साझा करना चाहते हैं, उसका विवरण प्रदान करने का आग्रह किया है।
इसके बाद एनआईए का एक वरिष्ठ अधिकारी कॉल करने वाले व्यक्ति से संपर्क करेगा और एजेंसी के साथ प्रासंगिक जानकारी/फोटो/वीडियो आदि साझा करने की व्यवस्था करेगा। एजेंसी ने कहा कि वे अपराधियों और उनके काम करने के तरीकों के बारे में किसी भी संभावित सुराग की खोज के लिए ऐसी सभी सूचनाओं, तस्वीरों और वीडियो की गहन जांच करना चाहती है।
एनआईए के प्रवक्ता ने कहा, “पर्यटकों और अन्य लोगों ने जानबूझकर या अनजाने में कुछ प्रासंगिक विवरण देखे, सुने या क्लिक किये होंगे, जो एनआईए को कश्मीर में पर्यटकों पर अभूतपूर्व लक्षित हमले के पीछे की साजिश को उजागर करने में मदद कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि कई तस्वीरें और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित पाये गये हैं।
आतंकवाद निरोधक एजेंसी इन सभी के साथ-साथ किसी भी अन्य जानकारी की बारीकी से जांच करने की योजना बना रही है, जो उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन या उससे पहले क्षेत्र में मौजूद लोगों के पास हो सकती है।”
