
इंदौर. एचआईजी कॉलोनी स्थित पार्थ वुमन स्पेशल चाइल्ड डेवलपमेंट सोसायटी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी द्वारा आठ लाख रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है. नौकरी से निकाले जाने के बाद जब अभिभावकों ने बच्चों की फीस से जुड़े नोटिस मिलने पर स्कूल में संपर्क किया, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. एमआईजी पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की.
एमआईजी थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार फरियादी गविशा जैन निवासी ओल्ड पलासिया की शिकायत पर शिवानी ठाकुर निवासी जावरा कम्पाउंड के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है. आरोपी शिवानी स्कूल में अकाउंटेंट थी और साथ ही शिक्षिका के रूप में भी कार्यरत थी. स्कूल प्रशासन ने बदसलूकी की शिकायत पर उसे नौकरी से हटा दिया तह। कुछ समय बाद स्कूल ने जब अभिभावकों को फीस जमा नहीं करने को लेकर नोटिस भेजा, तो दस से अधिक अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर बताया कि वे पहले ही फीस जमा कर चुके हैं. उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रसीदें दिखाईं. जब स्कूल प्रबंधन ने इन ट्रांजेक्शनों की जांच की तो चौंकाने वाला सच सामने आया फीस की राशि सीधे शिवानी ठाकुर के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी.
जाली रसीद देकर की ठगी, 8 लाख रुपए की हेराफेरी
जांच में यह भी सामने आया कि शिवानी ने अभिभावकों को जाली रसीदें थमा दी थीं, ताकि उन्हें शक न हो. कुल मिलाकर अब तक लगभग आठ लाख रुपए की हेराफेरी सामने आई है. स्कूल प्रबंधन ने तत्काल एमआईजी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासभंग और जालसाजी की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की है.
