
जबलपुर। मुख्यालय मध्य भारत एरिया के तत्वाधान में 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर के गौरी शंकर परेड ग्राउंड में अग्निवीरों के 8 वें बैच की पासिंग आउट परेड का भव्य एवं सैन्य गरिमा के अनुरूप आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कुल 2051 अग्निवीर प्रशिक्षुओं ने 24 सप्ताह का कठोर, अनुशासित एवं गहन प्रशिक्षण सफ लतापूर्वक पूर्ण किया। जो उनके भारतीय सेना के आत्मविश्वासी, सक्षम एवं प्रशिक्षित सैनिकों के रूप में रूपांतरण का प्रतीक है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अब ये अग्निवीर देश की सुरक्षा एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए उत्तरी पूर्वी एवं पश्चिमी सीमाओं पर तैनात अपनी, अपनी इकाइयों में प्रस्थान करेंगे, जहाँ वे चुनौतीपूर्ण एवं कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
कर्नल संदीप शर्मा कमांडेंट 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर ने समीक्षा अधिकारी के रूप में परेड का निरीक्षण किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अग्निवीरों द्वारा प्रदर्शित अटूट समर्पण, धैर्य एवं दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सभी अग्निवीरों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र सेवा के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय व्यावसायिक उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा एवं उच्च सैन्य मूल्यों को सदैव बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा सैनिक भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र की सुरक्षा एवं सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
गौरवपूर्ण अवसर के साक्षी बने माता-पिता जानकारी के अनुसार अग्निवीरों के माता, पिता भी इस गौरवपूर्ण अवसर के साक्षी बने। उन्होंने अपने उन वीर पुत्रों को देखा जिन्होंने कठोर एवं व्यापक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए शारीरिक दक्षता तथा सामरिक कौशल में उत्कृष्ट प्रवीणता हासिल की है। इसके अतिरिक्त परेड में बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी, सैनिक तथा विभिन्न रेजिमेंटल प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षु भी उपस्थित रहे।
भारत माता की जय के नारों ने भरा जोश
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर ने अग्निवीरों एवं सभी रैंकों को संबोधित करते हुए उन्हें सदैव तिरंगे के प्रति ली गई अपनी शपथ को स्मरण रखने तथा रेजिमेंट एवं राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। परेड ग्राउंड में गूंजते उनकी.अपनी रेजिमेंटों के युद्धघोष तथा भारत माता की जय के जोशीले नारों ने अग्निवीरों के उत्साह और मनोबल को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। अग्निवीरों के चेहरों पर झलकता गर्व, संतोष और आत्मविश्वास उपस्थित दर्शकों के मन में यह विश्वास उत्पन्न कर रहा था कि राष्ट्र की सुरक्षा सशक्त एवं सक्षम हाथों में है।
