नयी दिल्ली 01 मई (वार्ता) वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग 30,036 करोड़ रुपये की संपत्ति अनंतिम रूप से कुर्क की है जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 141 प्रतिशत अधिक है। कुल मिलाकर 31 मार्च 2025 तक अनंतिम कुर्की के तहत संपत्ति का कुल मूल्य 1,54,594 करोड़ रुपये है।
ईडी के स्थापना दिवस पर आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री पंकज चौधरी ने ईडी की वार्षिक रिपोर्ट जारी की जिसमें यह बात कही गयी है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, लगभग 30,036 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी द्वारा अनंतिम रूप से कुर्क की गई है। 31 मार्च 2025 तक, अनंतिम कुर्की के तहत संपत्ति का कुल मूल्य 1,54,594 करोड़ रुपये था।
अदालतों की मंजूरी से वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 30 मामलों में 15,261 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की गई। अगले साल इस प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। पीएमएलए के प्रशासन के शुरुआती वर्षों में, ज्यादातर मामले नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों से संबंधित थे। मार्च 2014 तक, केवल 1,883 प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) पंजीकृत किए गए थे। अप्रैल 2014 और मार्च 2024 के बीच, प्रवर्तन गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें 5,113 पीएमएलए जांच शुरू की गईं, औसतन 511 ईसीआईआर सालाना और 1,332 पीसी दायर किए गए। वित्त वर्ष 2024-25 में, 775 नई पीएमएलए जांच शुरू की गईं, 333 पीसी दायर किए गए और विशेष रूप से 34 व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया। ये परिणाम मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में निदेशालय की बढ़ी हुई क्षमता, प्रतिबद्धता और प्रभाव को दर्शाते हैं। आज तक, ईडी ने 1,739 मामलों में पीसी दायर किए हैं, जो वर्तमान में परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। आज तक 47 मामलों में निर्णय दिए गए हैं।
इस मौके पर श्री चौधरी ने कहा “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि कोई भी आर्थिक अपराधी आम और गरीब नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित न कर सके और इसके लिए रोकथाम के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि अपराधी को उचित सजा मिले। दोनों ही क्षेत्रों में प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 के विजन को प्राप्त करने की ओर अग्रसर हो रहा है, अर्थव्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों का स्वरूप भी बदलेगा और जटिलताएं भी बढ़ेंगी, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक अपराधों की प्रकृति में भी बदलाव आ सकता है।
राज्य मंत्री ने कहा “ विकसित भारत के विजन में स्वाभाविक रूप से सुरक्षित भारत का विजन शामिल है। आर्थिक रूप से सुरक्षित भारत में प्रवर्तन निदेशालय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।”
इस अवसर पर ईडी के निदेशक राहुल नवीन ने 2014 से 2024 तक प्रवर्तन गतिविधि में महत्वपूर्ण कदम पर जोर दिया, जिसमें 5,113 नई पीएमएलए जांचें शुरू की गईं, जो औसतन प्रति वर्ष 500 से अधिक मामले हैं। श्री नवीन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में, 775 नई पीएमएलए जांचें शुरू की गईं, 333 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं, जिससे 34 व्यक्तिगत दोषसिद्धि हुईं। इस अवधि के दौरान ईडी ने 30,036 करोड़ रुपये मूल्य के 461 अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में कुर्की की संख्या में 44 प्रतिशत वृद्धि और उनके कुल मूल्य में 141 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2025 तक अनंतिम कुर्की के तहत संपत्तियों का कुल मूल्य 1,54,594 करोड़ रुपये था।
श्री नवीन ने कहा कि न्यायालयों की मंजूरी से वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 30 मामलों में 15,261 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की गई और वित्त वर्ष 2025-26 में इस प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। ईडी ने पिछले साल 333 अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं, जिससे 31 मार्च 2025 तक विभिन्न चरणों में कुल मामलों की संख्या 1,739 हो गई; और अब तक तय किए गए 47 मामलों में से केवल 3 मामले बरी हुए हैं, जिससे 93.6 प्रतिशत की सजा दर रही है।
