“कांग्रेस बचाओ” में तब्दील हो गई संविधान बचाओ रैली

ग्वालियर चंबल डायरी
हरीश दुबे

राजा अब सूबे की कांग्रेस में बुजुर्गवार नेताओं की श्रेणी में पहुंच चुके हैं, यही वजह है कि कुछ उनकी बुजुर्गियत का लिहाज और कुछ हद तक कांग्रेस के पावर सेंटर माने जाने वाले शीर्ष परिवार से मिलने वाली ताकत का असर। नेता से लेकर कार्यकर्ता तक उनकी बात को काट नही पाते। राजा क्या कह जाएं, या क्या कर जाएं, पहले से अंदाज लगाना मुश्किल है। लेकिन इस बार तो हद ही हो गई। कांग्रेस ने संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत ग्वालियर के फूलबाग मैदान में एक बड़ी रैली करके की लेकिन राजा की गरममिजाजी के चलते संविधान बचाओ रैली “कांग्रेस बचाओ रैली” में तब्दील हो गई।

कांग्रेस का कार्यक्रम हो और मंच कब्जाने के लिए धक्कामुक्की न हो, यह नामुमकिन है। मंच पर बैठक व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने हाल ही में एक गाइडलाइन बनाई थी, हर बार की तरह संविधान बचाओ रैली के मंच पर इस गाइडलाइन के खूब परखच्चे उड़े। राजा बिफर गए। उन्होंने ऐलान कर दिया कि वे अब कभी भी कांग्रेस के कार्यक्रम में मंच पर नहीं बैठेंगे, नीचे ओडिएंस में कार्यकर्तों के संग ही बैठेंगे। जब स्पीच के लिए उनका नाम पुकारा जाएगा, तभी डाइस पर जाएंगे। उन्होंने मंच पर बैठने की लड़ाई समाप्त करने की सख्त नसीहत भी दी।

दूसरे दिन अखबारों में कांग्रेस के संविधान बचाने के आह्वान की बात तो अंडरप्ले हो गई और राजा के कांग्रेस के मंच पर न बैठने का संकल्प ही छाया रहा। कई हफ्तों से कांग्रेस की रैली की तैयारी में पसीना बहाने वाले कार्यकर्ता नाराज हैं। विधानसभा की डिप्टी स्पीकर रह चुकीं पार्टी की ग्वालियर प्रभारी हिना कांवरे से लेकर मुरैना से सांसदी का चुनाव लड़ चुके नीटू सिकरवार तक का कहना है कि राजा यानी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी की अंदरूनी बात पार्टी के भीतर ही करना थी, हालांकि राजा के बचाव में भी कुछ नेता मैदान में उतर आए हैं।

भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

तीस बरस के लंबे अंतराल के बाद पिछोर विधानसभा सीट पर भाजपा को विजय दिलाने वाले विधायक प्रीतम लोधी अपनी ही सरकार से नाराज हैं। दरअसल उन्होंने अपने जिले के एसपी अमन सिंह राठौड़ के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वे जिले के प्रभारी मंत्री से भी नाराज हैं। प्रीतम को इस बात का भी रंज है कि सिंधिया और सीएम के तमाम ऐलान के बावजूद अब तक पिछोर को जिला नहीं बनाया गया है। इन्हीं तमाम मुद्दों को लेकर वे पिछोर में आमसभा और इसके बाद एक रैली भी कर चुके हैं।

कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन देने के बाद उन्होंने यहां तक ऐलान कर दिया है कि इतने से भी बात नहीं बनी तो वे पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली कूच कर प्रधानमंत्री मोदी से इंसाफ मांगेंगे। उनके पास शिवपुरी एसपी के खिलाफ कई गंभीर आरोपों की लिस्ट है। वे कहते हैं कि एसपी उनके फोन टेप करवा रहे हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा उन्हें पार्टी अनुशासन का हवाला देकर संयम बरतने की नसीहत दे चुके हैं लेकिन उनकी नाराजगी और तेवर बरकरार हैं। हालांकि प्रीतम का राजनीतिक ट्रैक पार्टी से अंदर बाहर होने का रहा है लेकिन फिलवक्त वे सत्तारूढ़ दल के विधायक हैं, इसलिए कड़ा कदम उठाने के बजाए पार्टी मामले को सुलटाने में जुटी है।

पाक नागरिकों की तलाश में जुटा प्रशासन

पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत आए परिवारों को वापस पाकिस्तान भेजने के आदेश दिए थे। इसी के बाद ग्वालियर जिला प्रशासन शॉर्ट टर्म वीजा पर ग्वालियर आए पाक नागरिकों की खोजबीन में जुट गया लेकिन अभी तक यहां शॉर्ट टर्म वीजा पर आए एक भी पाक नागरिक की पहचान या खोज नहीं हो पाई है। प्रदेश में शॉर्ट टर्म वीजा पर आए जिन 14 नागरिकों की पहचान की गई है, वे सभी भोपाल, इंदौर और जबलपुर में मिले हैं। फिर भी ग्वालियर जिले के सभी पुलिस थानों से लेकर गांवों के कोटवारों तक को सतर्कता बरतने की ताईद की गई है। प्रशासन इसलिए और संजीदा है कि प्रदेश में 8486 पाक नागरिक लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे थे और सीएम डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि ऐसे लोगों को चुन-चुनकर पाकिस्तान भेजा जाना है। वैसे ग्वालियर में कई ऐसे परिवार हैं, जिनमें पाकिस्तानी बहुएं हैं, हालांकि इनमें से ज्यादातर ने या तो भारतीय नागरिकता ले रखी है या एप्लीकेशन पेंडिंग है।

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