टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के पिछड़े बुंदेलखंड में सामंतशाही के चलते आज भी ग्रामीण अंचलों में दलित समाज के लोग विवाह में घोड़ी पर चढ़कर गांव में नही घूम सकते है। टीकमगढ़ जिले के मौखरा गांव में आज एक दलित परिवार में विवाह था और बारात सागर जानी थी, बारात जाने से पूर्व बुंदेलखंड के गांवों में एक सामाजिक रस्म अदा होती है, जिसे बुंदेलखंड के गांवों में रछवाई (राछ) फिरना बोला जाता है, इस रस्म में दूल्हा घोडी पर चढ़कर पूरे गांव में घूमता है, जिसमे उसके रिश्तेदार व विरादरी के लोग दूल्हे का टीका कर उसे सम्मान स्वरूप रुपये और उपहार देते हैं, लेकिन आज गांव के दलित जितेन्द्र अहिरवार जब घोड़ी पर बैठकर इस रस्म को पूरा करने गांव में निकले तो यह गांव के ही उच्च जाति के दबंगो को बर्दाश्त नहीं हुआ और जब राछ उनके घर के दरवाजे से गुजरी तो घर की महिलाओं व पुरुषों ने दूल्हे और उसके साथ चल रहे दूल्हे के परिजनों व रिश्तेदारों पर हमला कर इनकी पिटाई कर दी, घटना के बाद दूल्हे सहित पीड़ित बड़ागांव थाने पहुंच गए और थाने में शिकायत दर्ज कराई है शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मारपीट कर दबंगई दिखाने वाली महिला भानकुंवर परमार को जहां गिरफ्तार कर लिया है वही अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
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