इंदौर:आईडीए को टीपीएस योजनाओं में अभी तक 65 प्रतिशत जमीन मिल गई है. शेष 35 प्रतिशत जमीन के लिए आईडीए द्वारा कार्रवाई जारी है. संशोधित एक्ट के आधार पर आईडीए ने टीपीएस योजना को लागू किया. इसमें 1 से लेकर 10 तक योजनाएं लागू की गई है, जिसमें 7 योजनाएं लागू की जा चुकी है. टीपीएस 2, 6 और 7 योजना अभी शामिल नहीं है.
बाकी योजनाओं में आईडीए द्वारा तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं. उक्त 7 योजनाओं में 1181 हैक्टेयर यानि 3 हजार एकड़ जमीन शामिल है. उक्त 7 योजनाओं के विकास पर आईडीए को 3337 करोड़ रुपए लागत आएगी. खास बात यह है कि आईडीए को उक्त 7 योजनाओं में विकास के लिए 65 प्रतिशत जमीन मिल चुकी है. किसानों द्वारा आईडीए से 2 हजार एकड़ जमीन का अनुबंध किया जा चुका है.
किसानों का भरोसा
कहा जा सकता है कि उक्त योजनाओं को पिछले पांच साल में जितनी जमीन के अनुबंध आईडीए से हुए है, उतनी जमीन लेने में आईडीए को पहले 20 से 25 साल तक लग जाते थे. यह बात अलग है कि इसका मुख्य कारण कोर्ट में विचाराधीन मामले है. खैर, आईडीए के साथ अभी किसानों का भरोसा बढ़ गया है. यही कारण है कि जमीन देने में अब किसान ज्यादा आनाकानी नही कर रहे है. इसके पीछे उनके विकसित प्लॉट है, जो करोड़ों रुपए के है.
टीपीएस योजना की जानकारी
– 7 योजनाओं में विकास कार्य
– 1181 हैक्टेयर योजनाओं में शामिल जमीन
– 3337 करोड़ रुपए योजनाओं की लागत
