इंदौर: रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री को लेकर संपदा 2.0 साफ्टवेयर में कई समस्याएं हैं. समस्याओं के कारण सर्विस प्रोवाइडर और जनता दोनों परेशान हो रहे हैं. उक्त समस्या और परेशानी को लेकर आज वकीलों का दल महानिरीक्षक पंजीयन से मिला और शिकायत की. 1 अप्रैल से राज्य सरकार ने दस्तावेज पंजीयन के लिए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर लागू कर दिया है. दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर सर्विस प्रोवाइडर को कई बिंदुओं पर समस्याएं आ रही है.
इसको लेकर पंजीयन अधिवक्ता संघ ने आज महानिरीक्षक पंजीयन यूएस वाजपेई को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मुख्य रूप से अनिश्चित समय के लिए सर्वर डाउन, स्लाट बुक में 3-3 घंटे लगाना, सर्वर चालू होने पर भी ठीक से कार्य नही करना, अंगूठे के निशान में सर्वर क्लाइंट एरर आना, साइन के लिए समय ज्यादा लगना, साफ्टवेयर में जानकारी डालने के बाद पक्षकारों की डिटेल सुरक्षित करने के बाद अगले पेज के लिए आगे नहीं बढ़ना जैसी समस्याएं बताई गई.
वकीलों ने संपदा 2.0 की शिकायत में बताया कि कंपनी का नाम, पता सब होने के बाद भी बार बार इंट्री करना खत्म किया जाएं. साथ ही एक ही दस्तावेज में 5-5 मालिक होने से कंपनी के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर डालने के बाद सॉफ्टवेयर स्वयं सर्च करने का प्रावधान कर लें. ऐसी व्यवस्था की जाएं, ताकि पक्षकारों का समय बर्बाद नहीं हो
