
ग्वालियर।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के आह्वान पर ग्वालियर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हडताल दूसरे दिन भी जारी रही। जिसका स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर भी दिखााई दिया। शासकीय अस्पतालों में स्टाफ की कमी के चलते आमजन को परेशान होना पड़ा। शोषणकारी अप्रेजल जैसी कुप्रथा को समाप्त करने, विभाग में रिक्त पड़े नियमित पदों पर संविदा कर्मियों का संविलियन किये जाने एवं नियमित कर्मचारियों के समान एनपीएस, ग्रेच्युटी ,स्वास्थ्य बीमा, डीए, गृह भाड़ा, अनुकंपा नियुक्ति, एवं सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाये सहित अन्य मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संपूर्ण प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की गयी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 में अप्रेजल जैसी कुप्रथा के गंभीर दुष्परिणाम संविदा कर्मियों को झेलने पड़े थे जिसमें कई कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गयी थी। जिसके विरोध में संघ द्वारा हड़ताल की गयी और शासन को अप्रेजल व्यवस्था समाप्त करनी पडी थी लेकिन एक बार फिर नवीन मानव संसाधन मैनुअल 2025 में अप्रेजल की व्यवस्था लाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश ने संविदा कर्मचारियों के साथ छलावा किया है।
इस बीच मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर के पहलगांव में आंतकवादियों द्वारा की गयी कायराना हरकत और गोलीबारी में मारे गये पर्यटकों को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने दो मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और हमले में घायल लोगों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
