भोपाल। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “पुस्तकालय अभिविन्यास कार्यक्रम” का शुभारंभ किया गया. इस मौके पर डॉ. आई. के. मंसूरी ने कहा कि “पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि यह विश्वविद्यालय की बौद्धिक संपदा का भव्य केंद्र है. यह छात्रों के लिए नई सोच, अनुसंधान और नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पुस्तकालय की डिजिटल सुविधाओं का भरपूर उपयोग करें. प्रो. विवेक शर्मा ने पुस्तकालय को “ज्ञान का ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर” बताया और कहा कि “डिजिटल युग में भी पुस्तकालय की उपयोगिता कम नहीं हुई है, बल्कि इसकी पहुँच और प्रभाव बढ़ा है. प्रो. नीरज गौड़ ने तकनीकी दृष्टिकोण से पुस्तकालय की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि “स्टार्टअप्स, प्रोजेक्ट्स और शोध की नींव अच्छी लाइब्रेरी एक्सेस से ही रखी जाती है. डॉ. किशोर शेंडे ने पुस्तकालय की ई-सुविधाये, ई-ग्रंथालय एवं इनफिलीबेंट की सुविधाओ का विस्तृत परिचय दिया. डॉ. प्रीतीबाला सोलंकी, डॉ. किरण त्रिपाठी, डॉ. मार्जिया आरिफ, डॉ. रथ, जयती शाह, ने पुस्तकालय की नियमावली, सदस्यता एवं ई-ग्रंथालय में पंजीयन की जानकारी दी. मनीषा परसई, एवं केशर परमार, संतोष ने छात्र, शोधार्थी का ई-ग्रंथालय के लिए पंजीयन किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति उपाध्याय द्वारा किया गया, और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनीता सिंह ने प्रस्तुत किया.
