ट्रम्प के अतिरिक्त टैरिफ लगाने का निर्णय टालने से झूमा बाजार

मुंबई, 21 अप्रैल (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत समेत 75 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के निर्णय को 09 जुलाई तक टालने से स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत आज शेयर बाजार एक प्रतिशत से अधिक उछल गया।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 860.06 अंक अर्थात 1.09 प्रतिशत की छलांग लगाकर करीब साढ़े तीन महीने बाद 79 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 79,413.26 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 273.90 अंक यानी 1.15 प्रतिशत उछलकर 24 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर 24125.55 अंक पर बंद हुआ। बीएसई की दिग्गज कंपनियों के मुकाबले मझौली छोटी कंपनियों के शेयरों में अधिक लिवाली हुई, जिससे मिडकैप 2.20 प्रतिशत मजबूत होकर 42,903.02 अंक और स्मॉलकैप 1.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 48,745.42 अंक पर पहुंच गया।
इस दौरान बीएसई में कुल 4247 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2918 में लिवाली जबकि 1168 में बिकवाली हुई वहीं 161 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई की कुल 3014 कंपनियों में से 2251 में तेजी जबकि 683 में गिरावट रही वहीं 80 में टिकाव रहा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत सहित 75 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने को 09 जुलाई तक टालने के हाल के फैसले से निवेशकों की धारणा में उत्साह रहा। पिछले सप्ताह की शुरुआत में घोषित इस अस्थायी राहत ने बढ़ते वैश्विक व्यापार तनाव के बीच बाजारों को राहत प्रदान की।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य भले ही अनिश्चितता से घिरा हो लेकिन भारत अपनी मजबूत आर्थिक बुनियाद और स्थिरता के चलते विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। देश छह प्रतिशत से अधिक की विकास दर के साथ एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो मंद वैश्विक वातावरण के बीच भी लचीलापन दिखा रही है। डॉलर में हालिया गिरावट के चलते भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) का प्रवाह और तेज होने की संभावना है।
एफपीआई का ध्यान वित्तीय, दूरसंचार, विमानन, होटल, ऑटो, रियल एस्टेट, सीमेंट और हेल्थकेयर जैसे घरेलू खपत-आधारित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। वहीं, डिजिटल स्पेस में चुनिंदा ग्रोथ स्टॉक्स में भी तेजी की संभावना जताई गई है। हालांकि, आईटी समूह पर दबाव बरकरार रहने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में संभावित मंदी इस क्षेत्र की वृद्धि संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। उनका मानना है कि आने वाले महीनों में भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता भारत के लिए रणनीतिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा और मजबूत होगी।
बीएसई में एफएमसीजी की 0.75 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर अन्य 20 समूहों में तेजी रही। इस दौरान कमोडिटीज 1.51, सीडी 1.60, ऊर्जा 2.11, वित्तीय सेवाएं 1.76, हेल्थकेयर 0.65, इंडस्ट्रियल्स 1.88, आईटी 2.31, दूरसंचार 1.30, यूटिलिटीज 1.92, ऑटो 2.12, बैंकिंग 1.81, कैपिटल गुड्स 1.90, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.39, धातु 2.00, तेल एवं गैस 2.61, पावर 2.49, रियल्टी 2.27, टेक 1.57, सर्विसेज 1.25 और फोकस्ड आईटी समूह के शेयर 2.42 प्रतिशत मजबूत रहे।
एशियाई शेयर बाजारों और अमेरिकी शेयर वायदा में सोमवार को गिरावट का रुख रहा क्योंकि राष्ट्रपति ट्रम्प की फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल पर तीखी आलोचना और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। डॉलर में गिरावट दर्ज की गई जबकि सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।
ट्रम्प प्रशासन द्वारा फेड अध्यक्ष पॉवेल को हटाने की संभावना पर विचार करने की खबरों ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही व्यापार तनावों के चलते दबाव में है। इस दौरान जर्मनी का डैक्स 0.49 और जापान का निक्केई 1.30 प्रतिशत लुढ़क गया। वहीं, ब्रिटेन का एफटीएसई, हांगकांग का हैंगसेंग 1.61 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.45 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

Next Post

पाकिस्तान के नदीम को नीरज चोपड़ा क्लासिक में आमंत्रित किया गया

Mon Apr 21 , 2025
बेंगलुरु, 21 अप्रैल (वार्ता) पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम को नीरज चोपड़ा क्लासिक भाला फेंक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में नदीम को प्रतियोगिता में आमंत्रित किये जाने की पुष्टि करते […]

You May Like