जन्मदिवस 30 मार्च के अवसर पर
मुंबई, 29 मार्च (वार्ता) भारतीय सिनेमा जगत की जानीमानी अभिनेत्री देविका रानी प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली कलाकार थी।
फिल्म इंडस्ट्री में उत्कृष्ट योगदान देने के लिये भारत सरकार ने वर्ष 1969 में जब दादा साहब फाल्के पुरस्कार की शुरूआत की तो इसकी सर्वप्रथम विजेता देविका बनी। इसके अलावा देविका रानी फिल्म इंडस्ट्री की प्रथम महिला बनी जिन्हें पदमश्री से नवाजा गया। सिनेमा जगत में अपनी दिलकश अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली देविका रानी पहली ड्रीम गर्ल थी। उनका जन्म 30 मार्च 1908 को हुआ था। इंग्लैंड में शिक्षा प्राप्त करने वाली देविका रानी ने रॉयल अकादमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट में अभिनय की विधिवत पढ़ाई की। कुछ समय बाद उनकी मुलाकात बुस्र बुल्फ नामक फिल्म निर्माता से हुई जो उनकी वास्तुकला की योग्यता से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने देविका को अपनी कंपनी में बतौर डिजाइनर नियुक्त कर लिया ।
इस बीच देविका रानी की मुलाकात सुप्रसिद्ध निर्माता हिमांशु राय से हुई। हिमांशु राय, देविका रानी की सुंदरता पर मुग्ध हो गए और उन्होंने देविका रानी को अपनी फिल्म कर्म में काम देने की पेशकश की जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। इस फिल्म में देविका रानी के फरार्टेदार अंग्रेजी संवाद अदायगी को देखकर लोग हैरान से रह गये और उनके व्यक्तिव को देखकर दर्शक इस कदर सम्मोहित हुये कि उनकी गिनती बोलती फिल्मों की श्रेष्ठ नायिकाओं में होने लगी।

