इंदौर: नेशनल हेराल्ड मामले में कोई दम नहीं है. ईडी में चार्ट शीट दायर कर भाजपा सरकार ने अपनी हताशा जाहिर की है. भाजपा चाहती है कि जनता की आवाज को दबा दिया जाए. इसलिए ऐसे कृत्य कर रही है.यह बात प्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव हरीश चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कही. चौधरी आज इंदौर प्रवास पर थे और नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर उन्होंने कांग्रेस की बात मीडिया के सामने रखी.
उन्होंने कहा कि ईडी की बोगस चार्जशीट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नरेंद्र मोदी डरपोक हैं. वो डरते हैं राहुल और सोनिया गांधी की हिम्मत, सच और हौसले के साथ न्यायप्रियता की बात करने से. इसलिए 12 साल पूर्ण मामले में भाजपा सरकार फर्जी चार्ट शीट दायर कर कुछ हासिल नहीं होगा. चौधरी ने कहा कि मनी लांड्रिंग का चार्ज एक ऐसे केस में लगा है, जहाँ पर एक पैसा का लेनदेन नहीं हुआ है. ना कोई प्रॉपर्टी ट्रांसफर हुई. ना किसी की कोई आमदनी हुई. ना ही कोई डिविडेंड होगा क्योंकि यह सेक्शन 25 की एक नॉट फॉर प्रॉफिट कंपनी का मामला है.
बदले की राजनीति से देश का नुकसान
चौधरी ने आगे बताया कि वो और लोग होंगे जो भाजपा की गीदड़ धमकियों से डर जाते है, लेकिन यह गांधी परिवार है जो शेर का कलेजा रखता है. इस देश और जनता के हक के लिए लड़ता है. भाजपा और मोदी सरकार की विफलताओं और पूंजीपतियों के साथ सांठगांठ की लगातार कलाई खोल रहे है. इससे मोदी और उनकी सरकार हताश है. भाजपा ने बदले की राजनीति करके देश बहुत नुकसान किया है.
ईडी सीबीआई और आयकर विभाग को हथियार बनाकर विपक्ष और कांग्रेस को कमजोर कार्ड का षडयंत्र कर रहे है, उसमें कभी सफलता नहीं मिलेगी. चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, पिंटू जोशी, अमन बजाज, सुरजीत चड्डा,सदाशिव यादव, नीलाभ शुक्ला, अमित चौरसिया और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद थे.
संगठन में जल्द परिवर्तन देखने को मिलेगा
संगठन को लेकर चौधरी ने कहा कि हम संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं. जल्द ही आपको परिवर्तन देखने को मिलेगा. गुजरात मॉडल और फिर मध्यप्रदेश को नर्सरी बताने वाली भाजपा का हम अब ताकत से सामना करेंगे.हमे पता है कि आज कांग्रेस की कार्यकारिणी और संगठन बहुत कमजोर है. परिणामस्वरूप हमने पिछले चुनाव में करारी हार का सामना किया है. हम गुजरात मॉडल के साथ आगे बढेंगे. राष्ट्रीय अधिवेशन में यह तय हुआ है कि अब संगठन में बड़ा परिवर्तन पूरे देश की इकाइयों और संगठन में होगा.
