मामला छावनी चौराहा क्षेत्र के सड़क चौड़ीकरण का
इंदौर: देखने में आ रहा है कि विकास के लिए उन क्षेत्रों में ज्याता किया जा रहा है जो शहर की पहचान है. जहां जाने से इंदौर का इतिहास सामने आता है. स्मार्ट सिटी के सपने ने कई लोगों के घर और कारेबार ख़त्म कर के रख दिए है फिर भी विकास कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है.स्नेहलता गंज यानि छावनी जो इंदौर का पुराना क्षेत्र है. महाराजा काल से लेकर अंग्रेजी हुकुमत की गाथा यहां से जुड़ी हुई है.
आनाज का बड़ा व्यापार भी यहीं से जुड़ा हुआ है. अब यहां भी विकास करते हुए सड़क चौड़ीकरण करने के लिए सैकड़ों मकान दुकान को हटाने के नोटिस पहुंच चुके हैं. पुराने पाल नर्सिंग होम से लेकर छावनी चौराहा तक अस्सी फीट का सड़क चौड़ीकरण किया जाने वाला है. इसससे यहां के सौ प्रतिशत दुकानें टूट जाएगी. इसमें संयुक्त परिवार के पास आधा मकान बचेगा.
यहां के लोगों में अपने परिवार और व्यापार को लेकर चिंता तो है साथ ही कुई लोगों में बड़ा रोष है. बताया जाता है कि इस मार्ग पर दिन में एक नहीं कई बार जाम लगता है. तंग क्षेत्र होने से आधा क्षेत्र परेशान हो जाता है. यही कारण है जो कि इस मार्ग का चौड़ीकरण करने की कार्रवाई होनी है. वहीं दूसरी ओर रहवासियों ने सर्मथन देते हुए कहा है कि चौड़ाई अस्सी फीट के बजाए पचास फीट हो या इसे वन-ने बनाया दिया जाए जिससे बिना नुकसान के यातायात सुगम होगा.
इनका कहना है
यहां कार्रवाई गलत है. मकान तोड़ दोगे तो हम रहेंगे कहां. एक तरफ किसानों को यूं ही पैसा दे रहे हो और हमें कोई मुआवज़ा नहीं. यह कैसा इंसाफ है. हम अपना टूटा मकान कैसे बना पाएंगे.
– के.के शुक्ला
एक तरफा कार्रवाई है. पहले साठ फीट तय था. लोग उसकी तैयारी करके बैठे थे. अब अस्सी फीट के नोटिस थमा दिए. सदियों पुराने रोज़गार उजड़ेंगे. मैं इस उम्र में कहां जाउंगा, कहां भटकूंगा. शासन को व्यवस्था करना चाहिए.
– प्रदीप ठाकुर
साठ फीट चौड़ा करें, वन-वे करें. लोडिंग वाहन प्रवेश बंद हो. छावनी चौराहा पर पुलिस व्यवस्था हो. इससे लोगों के रोज़गार और मकान भी बच जाएंगे लेकिन निगम कॉर्पोरेशन सुनने को तैयार ही नहीं है.
– रवींद्र कश्यप, अभिभाषक
सौ-दो वर्ष पुराने रज़िस्टर्ड मकान है. अगर जनहित में कोई चीज ले रहे है तो उसका मुआवज़ा दिया जाए. मेरे मकान जाने से चार परिवार सड़क पर आ जाएंगे. लोग अपने परिवार को लेकर कहां जाएंगे.
– मोहम्मद जुबैर खान
