भिंड: गोहद की जनता को इस वर्ष बरसात में न स्वास्थ्य मिला, न सुरक्षा, मिला तो सिर्फ धोखा, मौत और प्रशासनिक क्रूरता का बदबूदार नमूना। 16.68 करोड़ रुपये से बन रहा सिविल अस्पताल बरसात के पानी में डूब गया है। जहाँ गोहद की जनता विकास की आशा में वोट देती रही, वहीं बदले में एक ऐसा अस्पताल मिला है जो बरसात में “प्राकृतिक आपदा” में डूब गया है।
नाराज लोगों का कहना है कि प्रशासन, इंजीनियर और दलालों की तिकड़ी ने मिलकर जनता को ऐसा धोखा दिया है, जिसे विकास के नाम पर छल कहा जाएगा। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा अस्पताल उस जगह पर खड़ा किया गया जहाँ हर साल 3–4 फीट पानी भरना तय है। फिर क्यों ऐसी जगह निर्माण की अनुमति दी गई? किसके कहने पर भूमि चयन किया गया ? इस अस्पताल को तुरंत अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग उठी है।
