ग्वालियर: आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को ग्राम हरसी में गृह भेंट के दौरान मिली अति कम वजन की बच्ची को चिकित्सक की सलाह पर बेहतर चिकित्सा के लिये एनआरसी भितरवार से कमलाराजा चिकित्सालय के एमएसटीयू में भर्ती कराया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को जिले में चिन्हित कम वजन के सभी बच्चों को एनआरसी की सुविधायें दिलाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित सभी एनआरसी की क्षमताओं का पूरा उपयोग करें और कोई भी अति कम वजन का बच्चा एनआरसी की सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही कहा है कि एनआरसी से छुट्टी के बाद सभी बच्चों का लगातार फोलोअप भी सुनिश्चित करें।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास के अनुसार जिस अति कम वजन की बच्ची को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसका जन्म सितम्बर 2023 में हरसी में हुआ था। जन्म के 15 दिन बाद उसकी माता सोमवती बच्ची के साथ अपने मायके श्योपुर जिले के ग्राम पर्वती बड़ौदा में रहने चली गई।
माता सहित बालिका के गाँव से चले जाने के कारण आगे फोलोअप नहीं हो सका। वह कभी-कभार एक – दो दिन के लिये हरसी आती-जाती रहती थी। मार्च 2025 में होली पर वह दो दिन के लिये हरसी आई थी। इसके बाद फिर अपने मायके चली गई। गत 21 जुलाई को वह पुन: हरसी आईं थीं। इसी दौरान आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट के दौरान 22 जुलाई को उसकी बेटी को अति कम वजन का पाए जाने पर को एनआरसी भितरवार में भर्ती करा दिया। डॉक्टर की सलाह पर बेहतर चिकित्सा के लिये इस बच्ची को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्रिटानिया न्यूट्रीशियन फाउण्डेशन के समन्वयक ने भी कुपोशण की पुष्टि की है।
