भोपाल। साल 2024 में शहर में 4 ई चेक गेट लागए गए थे, जिनकी निगरानी में बीते 7 महीनों में लगभग 3 हजार वाहन खनिज का अवैध परिवहन करते हुए कैमरों में कैद हुए हैं। अभी खनिज विभाग संचालनालय में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाकर ई-चेक गेट्स का ट्रायल रन कर रहा है। अब तक मप्र में कुल 17 जिलों में 23 ई-चेक गेट लग चुके हैं। यूपी की तर्ज पर चेक गेट लगाकर प्रदेश में भी अवैध खनन रोकने की योजना है। रेत और अन्य खनिजों के अवैध खनन-परिवहन को रोकने के लिए खनिज विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट (एआई) पर आधारित चेक गेट्स लगा रहा है। सबसे पहले भोपाल के ईंटखेड़ी रोड, औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा के पास, नीलबड़ और बंगरसिया में ये चेक गेट्स पिछले अगस्त में लगाए गए थे।
इनसे भोपाल में आने जाने वाले खनिज वाहनों की निगरानी हो रही है। 7 महीनों से लगातार खनिज विभाग अवैध परिवहन का डाटा इकट्ठा कर रहा है। अब तक इंदौर, शहडोल, सिंगरौली, रीवा, सीधी, कटनी, रायसेन, मैहर,जबलपुर सहित 17 जिलों में 23 गेट लग चुके हैं। संबंधित सड़कों पर एनएचएआई, एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित सरकारी एजेंसियों से अनुमति लेकर ये गेट लगाए जा रहे हैं।
जिस में निगरानी के दौरान प्रदेश भर के चेक गेट में 46 हजार वाहन वैध ईटीपी लगाए हुए दिखे और वही दूसरी ओर 13500 में अवैध ईटीपी थी। कुल 1.38 लाख वाहनों की पहचान नहीं हो पाई। इनमें वाहन नंबर गलत था या उस पर धूल मिटटी या कीचड़ लगा हुआ था। पर तकनीक से ये तय हुआ कि इनमें खनिज परिवहन हो रहा था। आगे चरणों में यूपी की तर्ज पर खदान तक वाहनों की ट्रैकिंग का प्लान है।
