NSDC और रिलायंस फाउंडेशन ने मध्यप्रदेश में “फ्यूचर रेडी स्किल्स” पहल की शुरुआत की

 

*राज्य के 5 लाख छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण*

 

*भोपाल:* रिलायंस फाउंडेशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने मध्यप्रदेश में “फ्यूचर रेडी स्किल्स” इनिशिएटिव की शुरुआत की। इस महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के 700 कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत 5 लाख से अधिक छात्रों को एडटेक, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में दक्ष बनाना है। इस पहल का उद्घाटन भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित  *“एमपी फ्यूचर रेडी स्किल्स कॉन्क्लेव”* में किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के उद्देश्यों से प्रेरित है “फ्यूचर रेडी स्किल्स इनिशिएटिव” भारत के युवाओं को कल की नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए एडटेक, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में 100 ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करता है। पाठ्यक्रम प्रशिक्षण के अंत में, छात्रों को पाठ्यक्रमों में उनकी दक्षता का एआई-प्रोक्टर्ड ऑनलाइन मूल्यांकन होगा, जिससे निष्पक्ष और सुरक्षित मूल्यांकन सुनिश्चित होगा।

 

फरवरी 2024 में, रिलायंस फाउंडेशन और NSDC ने अपनी साझेदारी की घोषणा की,  इसके बाद सितंबर 2024 में रिलायंस फाउंडेशन स्किलिंग अकादमी का शुभारंभ किया गया। “एमपी फ्यूचर रेडी स्किल्स कॉन्क्लेव” दोनों संगठनों द्वारा क्षेत्रीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहला कॉन्क्लेव है।

 

*सम्मेलन में विचार साझा करते हुए,* मध्यप्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव IAS  *श्री रघुराज राजेंद्रन* ने कहा:”कौशल विकास का तात्पर्य केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्ध पहुँच है। सभी हितधारकों को समग्र सहयोग से एक प्रभावी स्किल इकोसिस्टम खड़ा करना चाहिए।

 

*रिलायंस फाउंडेशन की स्किलिंग प्रमुख श्रीमति नूपुर बहल* ने कहा:”हमारा विश्वास है कि फ्यूचर रेडी स्किल्स केवल बदलाव से तालमेल बिठाने के लिए नहीं, बल्कि उस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए हैं। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर और तैयार बनाती है।”

 

*NSDC के CEO व एमडी श्री वेद मणि तिवारी* ने बताया:”यह पहल 5 लाख से अधिक छात्रों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाएगी और भारत को ग्लोबल स्किल हब बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।”

 

कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी रही। पैनल चर्चाओं में शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने, कोर्स अपडेट करने और सॉफ्ट स्किल्स को मुख्यधारा में लाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

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