
शाजापुर। देश में नफरत का वातावरण है. दंगे में दोनों तरफ से नुकसान होता है. मुस्लिम सद्भावना सम्मेलन में आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि वे जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, उस समय भोपाल में दंगा हुआ था. हमने दंगा रोकने की जगह वे भरे मंच से ये बोल बैठे कि हिंदू-मुसलमान को जोडक़र दंगा-फसाद होने में हमने पूरी कोशिश की. दिग्विजय सिंह की फिसली जुबान से निकले इन शब्दों को सुनकर सब लोग सन्न रह गए.
गौरतलब है कि शाजापुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सद्भावना सम्मेलन में भी पहुंचे, लेकिन सम्मेलन में भीड़ ने उनके प्रति कोई सद्भावना नहीं दिखाई. भीड़ की बात करें, तो कांग्रेसी नेताओं से मंच भरा हुआ था. ना तो भारी मात्रा में मुस्लिम समुदाय आया और ना ही हिंदू समाज.
राजपूत समाज के विवाह सम्मेलन में शामिल हुए
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राजपूत समाज के विवाह सम्मेलन में शामिल हुए. कार्यक्रम के आयोजक मार्केटिंग अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गोहिल थे. विवाह सम्मेलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गोहिल के पैतृक गांव पहुंचे. जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज देश में अराजकता का माहौल है. नफरत की राजनीति की जा रही है. लेकिन कांग्रेस इस नफरत की राजनीति से देश में अराजकता नहीं फैलने देगी. कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
मंहगाई के दौर में कटुता भारी पड़ रही है
बुधवार को चौबदारवाड़ी स्थित खानका ए वारसी मैदान में मुस्लिम समाज ने सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद दिग्विजय सिंह ने उपस्थित लोगों से कहा कि वे धर्म के मार्ग पर सद्भावना और आपसी प्रेम भाव से आगे बढ़ें. देश में भाईचारा ही हमारी पीढ़ी को तरक्की के रास्ते पर ले जा सकता है. आज बेरोजगार युवा भटक रहे हैं और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे में इनका इस्तमाल किया जा रहा है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मंहगाई के इस दौर में आपसी कटुता हर समुदाय को बहुत भारी पड़ रही है. रोजग़ार देने के बजाय सरकार लोगों का ध्यान भटका कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे में लगी है.
