विदेशों में अधिक संभावनाएं तलाश रही हैं भारतीय नर्सें

बेंगलुरु, (वार्ता) भारत में नर्सों की नौकरी में मार्च 2020 के बाद 44 प्रतिशत वृद्धि हुयी है जबकि इसी अवधि में नौकरी के इच्छुकों की रुचि 75 प्रतिशत बढ़ी है और अब भारतीय नर्सें विदेशों में अधिक संभावनाएं तलाश रही हैं।

महामारी बीत चुकी है लेकिन स्वास्थ्य सेवा के कार्यबल पर इसका प्रभाव और केयर के बारे में हमारी सोच का लगातार विकास हो रहा है। टियर 2 शहरों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करने तक नर्सें भारत में स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

महामारी के दौरान भारत की नर्सों ने तब मोर्चा संभाला, जब देश को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। पांच साल बाद आज वे केवल अपना दायित्व ही नहीं निभा रही हैं बल्कि देश और विदेश में हेल्थकेयर के भविष्य को भी आकार दे रही हैं। महामारी की चुनौती का मुकाबला करने से लेकर वैश्विक अवसरों के गलियारों तक भारत की नर्सें पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा मांग में रहने वाले कार्यबलों में से एक हैं।

इनडीड के नए आंकड़े इच्छाशक्ति, बढ़ती महत्वाकांक्षा और हेल्थकेयर के बदलते परिदृश्य की कहानी कहते हैं। इनडीड के नए आंकड़ों में भारत में खासकर टियर-2 और छोटे शहरों में नर्सों की भूमिका में स्थिर वृद्धि प्रदर्शित होती है। साथ ही, ये आंकड़े पूरी दुनिया की नर्सों के बीच बढ़ती रुचि का भी खुलासा करते हैं, जो भारत को नौकरी के लिए सबसे व्यवहारिक स्थान के रूप में देख रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जहां भारत में नर्सों की घरेलू मांग स्थिर बनी हुई है, जो मार्च 2023 से मार्च 2024 के बीच नौकरियों की पोस्टिंग में साल-दर-साल 15 प्रतिशत की वृद्धि में परिलक्षित होती है। वहीं, नौकरी की इच्छुक कई नर्सें विदेशों में अवसरों की तलाश में हैं। इनडीड के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय यूजरों द्वारा विदेशों में नर्स की नौकरी तलाशने के लिए किए गए क्लिक्स में फरवरी 2023 से फरवरी 2025 के बीच 22.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि इस तरह के पदों के लिए कुल क्लिक वॉल्यूम तीन प्रतिशत घटा। विदेशों के लिए किए जाने वाले सबसे ज्यादा क्लिक अमेरिका के लिए दर्ज किए गए, जहां भारतीय यूजरों द्वारा नर्सों की नौकरियों के लिए 39 प्रतिशत क्लिक किए गए। इसके बाद के क्रम में अगले देश संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत), ब्रिटेन (13 प्रतिशत), कनाडा (12 प्रतिशत) और ऑस्ट्रेलिया (11 प्रतिशत) रहे। ये पांच देश भारत की नर्सों के लिए सबसे पसंदीदा अंतर्राष्ट्रीय स्थान हैं। इसके अलावा, सबसे ज्यादा फोकस भारत पर रहा। नर्स की नौकरी के लिए किए जाने वाले 74 प्रतिशत क्लिक भारत में ही अवसर तलाशने के लिए किए गए।

उल्हासनगर (महाराष्ट्र), पलवल (हरियाणा), करीमनगर (तेलंगाना) और अंगमाली (केरला) जैसे छोटे शहर नर्सों की नौकरियों के केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। उल्हासनगर में नौकरी की सभी पोस्टिंग में 15 प्रतिशत पोस्टिंग नर्सों के लिए थीं। इन शहरों के बाद तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ के शहरों में भी स्वास्थ्य सेवा के लिए नियुक्तियां बढ़ रही हैं तथा उन विद्यार्थियों को अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जो अपने घर के पास तथा कम सैचुरेटेड बाजारों में काम करना चाहते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा के लिए नियुक्तियों का विकेंद्रीकरण प्रदर्शित होता है। महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा केंद्रों की सूची में इन शहरों का होना आवश्यक नहीं है, पर नर्सिंग के लिए नौकरियों की पोस्टिंग में ये शहर सबसे ज्यादा योगदान दे रहे हैं, जिससे मेट्रो शहरों के बाहर भी केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार प्रदर्शित होता है।

इनडीड इंडिया में विक्रय प्रमुख शशि कुमार ने कहा, “ भारत में नर्सिंग लंबे समय से शांत इच्छाशक्ति का व्यवसाय है। अब यह पूरे विश्व में मान्यताप्राप्त करियर बन रहा है। आंकड़े स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि भारत में विश्व को कुशल एवं दयालु स्वास्थ्य सेवा प्रतिभा की आपूर्ति करने की क्षमता है लेकिन यह भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज हम प्रशिक्षण, इन्फ्रास्ट्रक्चर और अवसरों में किस प्रकार निवेश करते हैं।”

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