हुबली | कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने मंगलवार को हुबली के केएससीए स्टेडियम में ‘सुनील जोशी पवेलियन’ का आधिकारिक उद्घाटन कर पूर्व दिग्गज स्पिनर को बड़ा सम्मान दिया है। इस गौरवशाली पल के दौरान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और केएससीए चीफ वेंकटेश प्रसाद मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच चल रहे रणजी ट्रॉफी फाइनल के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी शामिल हुए। इस मौके पर सुनील जोशी अपनी पत्नी के साथ भावुक नजर आए और उन्होंने इसे अपनी वर्षों की प्रतिबद्धता की पहचान बताया।
सुनील जोशी भारतीय और कर्नाटक क्रिकेट का एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने 1996 से 2001 के बीच भारत के लिए 15 टेस्ट और 69 वनडे मैच खेले। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 110 विकेट दर्ज हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 160 मैचों में 615 विकेट और 5,000 से अधिक रन बनाकर खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर साबित किया। जोशी केवल खिलाड़ी के तौर पर ही नहीं, बल्कि 2020 से 2023 तक भारतीय चयन समिति के सदस्य और चीफ सिलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिसमें भारत की ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीत शामिल थी।
मौजूदा समय में सुनील जोशी बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में बतौर स्पिन बॉलिंग कोच नई प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। उनके ही मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने इसी महीने मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले वह आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ भी स्पिन बॉलिंग कोच के तौर पर जुड़े रहे। पवेलियन का नाम उनके नाम पर रखे जाने से कर्नाटक के उभरते हुए क्रिकेटरों को प्रेरणा मिलेगी। यह सम्मान उनके तीन दशक से अधिक के बेमिसाल क्रिकेट सफर को एक नई ऊंचाई देता है।

